नई दिल्ली, 3 फरवरी (आईएएनएस)। सरकार के नोटबंदी के कदम से जहां कई उद्योगों में मांग घटी है, वहीं सोने की मांग पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। 2016 की चौथी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में सोने की मांग में 3.3 फीसदी की वृद्धि हुई है।
वर्ल्ड गोल्ड कौंसिल द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। इसमें कहा गया है कि हालांकि पूरे साल में सोने की मांग में कमी आई है और यह 2016 में 675.5 टन रही, जबकि 2015 में यह 857.2 टन थी।
रपट में कहा गया है, “भारत में साल 2016 की चौथी तिमाही में सोने की मांग 244 टन रही, जो कि साल 2015 की चौथी तिमाही (236.1 टन) से 3.3 फीसदी अधिक है।”
साल 2016 की चौथी तिमाही में भारत में आभूषणों की मांग 3.5 फीसदी बढ़कर 182.2 टन रही, जबकि 2015 की चौथी तिमाही में यह 176 टन थी।
रपट में कहा गया है कि समीक्षाधीन अवधि में मूल्य के संदर्भ में आभूषणों की मांग 16.8 फीसदी बढ़कर 48,191.6 करोड़ रुपये रही, जोकि साल 2015 की चौथी तिमाही में 41,261 करोड़ रुपये थी।
हालांकि देश में आभूषणों की सालाना मांग में कमी आई है और यह 2016 में 22.4 फीसदी घटकर 514 टन रही, जबकि 2015 में यह 662.3 टन थी।
वर्ल्ड गोल्ड कौंसिल के प्रबंध निदेशक सोमासुंदरम पी. आर. ने कहा, “2016 में भारत में सोने की मांग तेजी से घटी और यह 21 फीसदी की गिरावट के साथ 676 टन रही, जबकि 2015 में यह 857 टन थी। इसका कारण इस उद्योग को पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया में सामने आई चुनौतियां हैं, जैसे पैन कार्ड को अनिवार्य बनाना, उत्पाद शुल्क में वृद्धि और नोटबंदी आदि।”
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