ब्रासीलिया, 17 फरवरी (आईएएनएस)। ब्राजील की ओडब्रेख्त कंपनी से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में सहयोग के लिए 11 देशों के अभियोजक सहमत हो गए हैं।
समाचार एजेंसी ‘एफे’ के अनुसार, इस मामले में ब्राजील, अर्जेटीना, चिली, कोलंबिया, इक्वाडोर, मेक्सिको, पनामा, पुर्तगाल, पेरू, डोमिनिक गणराज्य और वेनेजुएला गुरुवार को व्यापक, तीव्र और प्रभावी सहयोग देने पर सहमत हो गए।
यह बैठक ब्राजील के अटॉर्नी जनरल कार्यालय ने आयोजित की थी, जिसमें 10 देशों के मुख्य कानून प्रवर्तन अधिकारी शामिल हुए।
ये सभी देश भ्रष्टाचार मामले में निर्माण कंपनी की संलिप्तता और ठेके हासिल करने के लिए मोटी रिश्वत देने के आरोप की जांच करेंगे।
कड़ी गोपनीयता के बीच आयोजित बैठक के बाद जारी एक विज्ञप्ति में प्रतिभागी देशों ने कहा कि वे ब्राजील और अन्य देशों में जहां ओडब्रेख्त कंपनी कथित रूप से अवैध गतिविधियों में शामिल रही है, ऐसे तमाम मामलों की जांच के लिए द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संयुक्त टीमें बनाने पर सहमत हो गए हैं।
बयान में कहा गया है कि यह समूह पूर्ण तकनीकी स्वायत्तता के साथ कार्य करेगा।
ब्राजील में अभियोजक भ्रष्टाचार के इस मामले की जांच कर रहे हैं, जिसमें ब्राजील के सल्वाडोर स्थित ओडब्रेख्त कंपनी और अन्य कई निर्माण कंपनियों पर सरकारी तेल कंपनी पेट्रोब्रास के अधिकारियों को ठेके के बदले रिश्वत देने के आरोप हैं।
इसके अलावा भ्रष्टाचार के मामले को ढकने के लिए कुछ नेताओं को भी धन देने की बात सामने आई है।
इस मामले में अब तक ब्राजील की निर्माण कंपनी और पेट्रोब्रास के कुछ अधिकारियों को कैद की सजा सुनाई गई है, वहीं पूर्व राष्ट्रपति लुईस इनैसियो लूला डी सिल्वा और अन्य बड़े नेताओं का भी इस मामले से नाम जुड़ा है।
लूला को पेट्रोब्रास की जांच के तहत उपजे कई मामलों का सामना कर पड़ा और जिसकी वजह से 2018 के राष्ट्रपति चुनाव में उनकी दावेदारी भी खतरे में पड़ गई।
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