(खुसर-फुसर)– मध्यप्रदेश कॉंग्रेस के एक कद्दावर नेता जिनपर आरोप है की विधानसभा चुनाव उनकी मदद से हारे,ये जनाब अपनी विरासत को सहेजने में लगे हैं अरे भैया इतनी चिंता यदि प्रदेश के युवाओं के बारे मे की होती तो आज मध्यप्रदेश की स्थिति कुछ और होती.ये महाशय लम्बी सोचते हैं अपनी राजनीति चमकाने में,अपने क्षेत्र में रेल-लाइन की घोषणा और उद्घाटन करवा लिया वह भी आचार-संहिता के ऐन पहले ताकि जय-जय होती रहे अब पैसा तो है नहीं यदि पुनः शासन में आये तो कोशिश नहीं तो जो भी केन्द्र मे सरकार बनी ठीकरा उसपर फोड़ दो मतलब पेंच फंसा रहे और अपनी राजनीति चमकती रहे ,भाड़ मे जाये जनता…….
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