वाशिंगटन, 1 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कंसास में बीते सप्ताह एक भारतीय इंजीनियर की ‘घृणा अपराध’ में गोली मार कर की गई हत्या की भर्त्सना करते हुए कहा कि उनका देश ‘नफरत व बुराई’ की निंदा करता है।
कैपिटल हिल में मंगलवार रात कांग्रेस के संयुक्त अधिवेशन के अपने पहले संबोधन की शुरुआत ट्रंप ने नस्लीय और पूर्वाग्रह से जुड़े अपराधों का संदर्भ देते हुए की। उन्होंने कहा, “पिछले सप्ताह कंसास में हुई गोलीबारी हमें याद दिलाती है कि भले ही नीतियों के संदर्भ में हमारे मत अलग-अलग हों, पर सभी प्रकार की नफरत व बुराई की निंदा को लेकर हम एक साथ खड़े हैं।”
ट्रंप ने अपने संबोधन में यहूदी संस्थाओं को दी जाने वाली धमकियों तथा उनके कब्रिस्तानों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं का भी जिक्र किया और इनकी निंदा की।
उन्होंने नस्लवाद तथा विभिन्न प्रकार के पूर्वाग्रहों को लेकर असंवेदनशील होने के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के आरोपों से खुद का बचाव करते हुए कहा, “हमें नागरिक अधिकारों को लेकर हमारे देश की सोच याद है और इस दिशा में अब भी काम हो रहा है।”
उन्होंने कहा, “हर अमेरिकी पीढ़ी सच, स्वतंत्रता व न्याय की मशाल बिना थके, बिना रुके अगली पीढ़ी तक पहुंचाती रही है। यह मशाल अब हमारे हाथों में है और हम इसका इस्तेमाल दुनिया में प्रकाश फैलाने के लिए करेंगे। आज रात मैं यहां एकजुटता व ताकत का संदेश देने के लिए हूं और यह संदेश मेरे दिल की गहराइयों से है।”
ट्रंप के संबोधन के बाद व्हाइट हाउस की प्रधान उप प्रेस सचिव सारा सैंडर ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, “राष्ट्रपति पीड़ित परिवार से सहानुभूति रखते हैं। हम इस घटना में घायल होने वालों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “हालांकि इस मामले में बहुत से तथ्यों का सामने आना अभी बाकी है, लेकिन शुरुआती जांच से यह घटना नस्लीय नफरत से जुड़ी लगती है। हम एक बार फिर स्पष्ट करना चाहते हैं कि राष्ट्रपति इन घटनाओं तथा किसी भी अन्य नस्लीय अथवा धार्मिक रूप से प्रेरित हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। हमारे देश में इनके लिए कोई जगह नहीं है।”
उल्लेखनीय है कि अमेरिका के कंसास राज्य के ओलेथ में ऑस्टिंस बार एंड ग्रिल में 22 फरवरी को एक पूर्व अमेरिकी नौसैनिक एडम डब्ल्यू परिंटन ने दो भारतीयों को ‘मध्य-पूर्व का नागरिक’ समझकर गोली मार दी थी, जिसमें भारतीय इंजीनियर कुचिभोटला (32) की मौत हो गई थी, जबकि उनके साथी आलोक रेड्डी मदासानी (32) घायल हो गए थे।
परिंटन की पीड़ितों से कथित तौर पर बहस हुई थी और उसने कुछ नस्लीय टिप्पणियां भी की थीं। उन्हें गोली मारने से पहले वह उन पर चिल्लाया था, ‘दफा हो जाओ मेरे देश से।’
मामले में बीच-बचाव करने आया एक अमेरिकी नागरिक ईयान ग्रिलोट (24) भी घायल हो गया था। भारतीयों को बचाने करने के दौरान ईयान को भी गोली लगी। इसके बाद से वह अस्पताल में भर्ती हैं।
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