भारत ने संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दा उठाने के पाकिस्तान के प्रयास की निंदा की (लीड-1)

संयुक्त राष्ट्र, 2 मार्च (आईएएनएस)। आतंकवाद के वैश्विक ‘केंद्र’ के रूप में पाकिस्तान की आलोचना करते हुए भारत ने जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पाकिस्तान द्वारा कश्मीर मुद्दा उठाने के प्रयासों का खंडन करते हुए उस पर राज्य को अस्थिर करने का आरोप लगाया।

संयुक्त राष्ट्र, 2 मार्च (आईएएनएस)। आतंकवाद के वैश्विक ‘केंद्र’ के रूप में पाकिस्तान की आलोचना करते हुए भारत ने जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पाकिस्तान द्वारा कश्मीर मुद्दा उठाने के प्रयासों का खंडन करते हुए उस पर राज्य को अस्थिर करने का आरोप लगाया।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि कुमार कुमार ने बुधवार को जेनेवा में आयोजित परिषद की बैठक में कहा, “पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ आतंकवादी संगठनों को बनाया और अब आतंकवाद का यह शैतान खुद अपने ही रचयिता को बर्बाद कर रहा है।”

इससे पहले पाकिस्तान के कानून मंत्री जाहिद हामिद ने कश्मीर में मानव अधिकार और निर्दोष कश्मीरियों की मौलिक स्वतंत्रता के हनन का आरोप लगाते हुए परिषद से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था।

हामिद ने इस बात का खंडन किया कि कश्मीर की समस्या आतंकवाद है और दावा किया इस मामले में पाकिस्तान की भागीदारी कश्मीरियों को केवल राजनीतिक, नैतिक और कूटनीतिक समर्थन देने की है।

पाकिस्तान के इन दावों को खंडन करते हुए कुमार ने कहा, “जम्मू एवं कश्मीर में गड़बड़ी का मूल कारण सीमा पार का आतंकवाद है, जिसे पाकिस्तान द्वारा बढ़ावा और सहायता दी जाती है।”

उन्होंने कहा, “पाकिस्तान कश्मीर को अस्थिर करने के लिए घुसपैठ, सीमा पार आतंकवाद, हिंसा को उकसावा व बढ़ावा दे रहा है।”

आतंकवाद को मानव अधिकारों का सबसे बड़ा दुश्मन करार देते हुए कुमार ने कहा, “परिषद के सदस्यों को आतंकवाद के वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने के लिए इस देश की ताकत का अंदाजा लगाना चाहिए। पिछले दो दशकों में दुनिया के सबसे बड़े और वांछित आतंकवादियों को पाकिस्तान में शरण और सहायता मिली है।”

केवल यही नहीं, हामिद ने भारतीयों से भी कश्मीर में मानव अधिकारों की स्थिति के प्रति जागरूक होने की अपील की थी।

कश्मीर को सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों में अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा बताने के दावे पर कुमार ने कहा, “पाकिस्तान के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों पर अनुचित संदर्भ गुमराह करने वाले हैं, क्योंकि अवैध और जबरन कब्जा करने के लिए उसे जम्मू एवं कश्मीर के इलाके खाली चाहिए।”

उन्होंने कहा, “मजबूत व परिपक्व भारतीय लोकतंत्र ने एक बार फिर साबित किया है कि किसी भी आंतरिक समस्या का समाधान करने के लिए उसके पास पर्याप्त तंत्र है, चाहे वह किसी दूसरे देश द्वारा ही क्यों न उत्पन्न किए गए हों।”

कुमार ने कहा कि उच्च विद्यालयों के 99 फीसदी बच्चों ने परीक्षाएं दी हैं, जो राज्य के हालात के सामान्य होने का संकेत है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के लिए 12 अरब डॉलर का विकास पैकेज दिया है।

हामिद ने संयुक्त राष्ट्र में मानवाधिकार के उच्चायुक्त से कश्मीर में एक दल भेजने की भी अपील की।

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