सियोल, 8 मार्च (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया की संवैधानिक अदालत ने बुधवार को कहा कि वह राष्ट्रपति पार्क ग्वेन-हे पर चलाए गए महाभियोग पर अंतिम फैसला इस सप्ताह के अंत में देगी।
समाचार एजेंसी योनहाप के मुताबिक, अदालत के प्रवक्ता बे बो-यून ने बुधवार को कहा कि पार्क को राष्ट्रपति पद से हटाया जाए या उन्हें पद पर बहाल करना है, इस पर फैसला शुक्रवार पूर्वाह्न 11 बजे दिया जाएगा।
नेशनल एसेंबली ने भारी मतों से बीते साल नौ दिसंबर को पार्क के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को पारित कर दिया था।
अगर आठ में से छह न्यायाधीश प्रस्ताव को बरकरार रखते हैं, तो पार्क को पद से हटना पड़ेगा। अगर तीन से अधिक न्यायाधीश प्रस्ताव को खारिज कर देते हैं, तो पार्क को पद पर पुन: बहाल करना होगा।
फैसले लिए शुक्रवार का दिन तय किया गया, क्योंकि कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अगले सोमवार को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। पूर्व मुख्य न्यायाधीश बीते 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हुए थे।
अगर महाभियोग को बरकरार रखा जाता है, तो 60 दिनों के भीतर राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कराना अनिवार्य होगा।
पार्क पर मुकदमा चलेगा और उन्हें गिरफ्तारी का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि राष्ट्र प्रमुख के रूप में उन्हें मिलने वाली प्रतिरक्षा खत्म हो जाएगी।
पार्क के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने वाले विशेष अभियोजकों ने राष्ट्रपति के साथ-साथ लंबे वक्त से उनकी विश्वस्त चोई-सुन-सिल को रिश्वतखोरी सहित कई आरोपों में लिप्त पाया था।
देश से संबंधित मामलों में हस्तक्षेप तथा व्यक्तिगत लाभ के लिए पार्क से नजदीकियों का लाभ उठाने के मामले में चोई फिलहाल हिरासत में हैं।
पार्क को साल 2014 में हुई एक नौका दुर्घटना में नागरिकों की जान बचाने के लिए अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतने का भी दोषी बनाया गया है। दुर्घटना में 300 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।
पार्क दक्षिण कोरिया की दूसरी राष्ट्रपति हैं, जिनके खिलाफ महाभियोग चलाया गया है।
इससे पहले, साल 2004 में राष्ट्रपति रोह मू-ह्यून के खिलाफ महाभियोग चलाया गया था।
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