इस्लामाबाद, 10 मार्च (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर के उड़ी में भारतीय सेना के शिविर पर हमले में शुरुआती तौर पर संदिग्ध पाए गए दो पाकिस्तानी युवकों को उनके खिलाफ आरोप साबित नहीं हो पाने पर दो दिन पहले रिहा कर दिया गया। दोनों युवक शुक्रवार को पाकिस्तान लौट गए।
फैसल हुसैन अवान और अहसान खुर्शीद पर सितंबर 2016 में हुए हमले में शुरुआती तौर पर शामिल होने का संदेह था। इस हमले में 19 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के लिए भारत ने पाकिस्तानी आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद को जिम्मेदार ठहराया था।
डॉन ऑनलाइन की रपट के मुताबिक, भारतीय सीमा के अधिकारियों ने अवान और खुर्शीद को वाघा-अटारी सीमा पर पाकिस्तानी सेना को सौंप दिया। वे शुक्रवार को वाघा सीमा के रास्ते अपने परिवार के पास पहुंच गए।
इन दोनों युवकों को 18 सितंबर को उड़ी हमले के कुछ दिनों बाद भारतीय सीमा सुरक्षा बल व सेना के एक संयुक्त अभियान में उड़ी शहर के अंगूर चौकी से गिरफ्तार किया गया था। इनके 10वीं के छात्र होने की बात सामने आई है। इन पर संदेह था कि इन्होंने आतंकवादियों के लिए गाइड के तौर पर काम किया था।
इन्हें पूछताछ के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) मुख्यालय लाया गया था।
एनआईए ने बीते सप्ताह साफ किया कि दोनों पढ़ाई से बचने के लिए घर से भाग निकले थे और इसके साथ ही एनआईए ने मामले में समापन रपट दाखिल कर दी। जांच एजेंसी ने बुधवार को दोनों को भारतीय सेना को सौंप दिया।
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