रूस के आरबीके मीडिया समूह ने पेसकोव के हवाले से बताया, “उन्होंने (पुतिन ने) निजी निंयत्रण के तहत क्रीमिया के हालात को नियंत्रित किया हुआ है और मुझे विश्वास है कि वह क्रीमिया के बारे में वही कदम उठाएंगे और फैसले व जिम्मेदारी लेंगे जैसा उन्होंने 2014 में किया था।”
पेसकोव के मुताबिक, पुतिन को लगता है कि एकीकरण की प्रकियाओं को कहीं अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकता था और बजट में आवंटित और अधिक धन को नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने पर खर्च किया जा सकता था।
क्रीमिया ने शनिवार को रूस में फिर से शामलि होने की तीसरी वर्षगांठ मनाई। जनमत संग्रह के बाद यह क्षेत्र मार्च 2014 में फिर से रूस में शामिल हो गया। लगभग 97 फीसदी निवासियों ने रूस में शामिल होने के पक्ष में मतदान किया था।
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