संयुक्त राष्ट्र, 29 मार्च (आईएएनएस)। यमन में करीब 70 लाख लोग साल 2017 में अकाल के मुहाने पर खड़े हैं। यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के मानवतावादी समन्वयक जेमी मैकगोल्डरिक ने मंगलवार को यह चेतावनी दी है।
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता फरहान हक ने दैनिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “मैकगोल्डरिक ने कहा है कि यह खतरनाक है कि यमन की कुल जनसंख्या के करीब दो-तिहाई लोग यानी 1.88 करोड़ लोगों को किसी प्रकार के मानवीय मदद या संरक्षण की जरूरत है।”
साल 2015 के मार्च महीने में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने प्रभावशाली हौती लड़ाकों से मुकाबला किया था, जिन्होंने उत्तरी यमन के ज्यादातर इलाकों पर कब्जा जमा लिया था, जिसमें राजधानी सना और लाल सागर का बंदरगाह शहर होदिदा भी शामिल था।
यहां दो साल तक लगातार जारी संघर्ष के कारण लाखों लोगों का जीवन तबाह हो गया है। मैकगोल्डरिक के अनुसार, इस लड़ाई में 50,000 से ज्यादा नागरिक मारे जा चुके हैं, घायल हुए हैं या अपंग हुए हैं, जिनमें मारे गए 1,540 बच्चे और घायल हुए 2,450 बच्चे भी शामिल हैं।
मैकगोल्डरिक ने कहा कि इसके अलावा 1,550 बच्चों को सैन्य लड़ाइयां लड़ने के लिए भर्ती किया गया है।
इस संबंध में, उन्होंने सभी दलों से संघर्ष खत्म कर बातचीत से मसला सुलझाने का आह्वान किया है।
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