वाशिंगटन, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी परिवहन विभाग (डीओटी) युनाइटेड एयरलाइंस द्वारा एशियाई मूल के एक चिकित्सक को विमान से जबरन उतारे जाने की घटना की जांच करेगा।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने सोमवार को विभाग के हवाले से बताया, “डीओटी उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और युनाइटडे एक्सप्रेस की उड़ान संख्या 3411 में यात्री को सवार नहीं होने देने की समीक्षा करेगा।”
डीओटी ने युनाइटेड एयरलाइंस के विमान से यात्री को जबरन उतारने की घटना के बाद यह रुख अपनाया है। इस घटना का यह वीडियो वायरल हो गया था जिसके बाद हंगामा बरपा था।
युनाइटेड एयरलाइंस के सीईओ ऑस्कर मुनोज ने सोमवार को कहा, “यह हम सभी के लिए एक परेशान करने वाली घटना है।”
उन्होंने कहा, “कंपनी पीड़ित से संपर्क साधकर इस घटना को सुलझा रही है।”
गौरतलब है कि चीनी मूल के चिकित्सक को पुलिस और एयरलाइंस कर्मी द्वारा हिंसक तरीके से उसकी सीट से खींचकर विमान के बाहर तक लाया गया।
इस घटना का दो यात्रियों ने वीडियो बना लिया और यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
विमानन कंपनी के मुताबिक, कंपनी ने शिकागो से केंटकी के लुइसविले जाने वाली उड़ान में स्वैच्छिक रूप से अपनी सीट एयरलाइंस के चार कर्मचारियों को देने के लिए 1,000 डॉलर राशि की पेशकश की थी।
यात्रियों के मुताबकि, जब कोई भी अपनी सीट देने के लिए तैयार नहीं हुआ, तब एयरलाइन स्टाफ ने चार लोगों से विमान से जाने को कहा। इन लोगों का चुनाव कंप्यूटर प्रणाली से किया गया।
इन चारों में से एक चिकित्सक था, जिसने अपनी सीट देने से इनकार कर दिया, क्योंकि उसे अगली सुबह अपने मरीजों का इलाज करने जाना था।
इसके बाद एयरलाइन स्टाफ ने उसे विमान से उतारने के लिए शिकागो उड्डयन पुलिस को बुलाया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में पुलिस को हिंसक तरीके से एशियाई मूल के चिकित्सक को बाहर निकालते देखा जा सकता है। उसे जमीन पर फेंकते और बाजुओं से खींचते हुए देखा जा सकता है। इस दौरान उसकी कमीज फट गई और उसके चेहरे पर चोट के निशान हैं।
मीडिया को यात्रियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित चिकित्सक ने अपनी पहचान चीनी नागरिक के तौर पर बताई थी।
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