अमेरिकी मरीन प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंचे

केनबरा, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। सुरक्षा बलों के रोटेशन के तहत 1,000 से अधिक अमेरिकी मरीन मंगलवार को डार्विन पहुंचे, जिन्हें उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में तैनात किया जाएगा।

उत्तरी क्षेत्र (एनटी) में पहुंचे 1,250 सैनिकों को 13 विमानों -चार टिल्ट-रॉटर ऑस्प्रे हेलीकॉप्टर, पांच सुपर कोबरा हेलीकॉप्टर तथा चार हुए हेलीकॉप्टर- में तैनात किया जाएगा। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद ऑस्ट्रेलिया में अमेरिकी सुरक्षाबलों की यह एक सबसे बड़ी तैनाती है।

मरीन रोटेशनल फोर्स डार्विन के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल ब्रायन एस.मिड्लटन ने संवाददाताओं से कहा, “हवाई हमलों से निपटने का तत्व ही डार्विन में तैनाती का मूल उद्देश्य है।”

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि बातचीत के बाद हमने यहां एक कार्य बल को तैनात करने और समय के साथ उसके आकार में बढ़ोतरी करने की जो कटिबद्धता जताई है, उसका यही अर्थ निकलता है कि यह एक बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है।”

उन्होंने कहा, “दक्षिण-पूर्व एशिया तथा हिंद महासागर के निकट रहना, भारतीय-प्रशांत रुख हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है।”

लेफ्टिनेंट कर्नल ब्रायन एस.मिड्लटन ने कहा कि अमेरिकी मरीन चीनी साझेदारों तथा ऑस्ट्रेलिया के साथ महत्वपूर्ण सैन्य अभ्यास करेंगे। तीनों देशों की सेनाएं कोवारी कूट नाम से सन् 2014 से ही सालाना संयुक्त सैन्य अभ्यास करती रही हैं।

डार्विन में ऑस्ट्रेलिया के प्रथम ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर बेन जेम्स ने कहा कि वह अमेरिकी समकक्ष के साथ काम करने को उत्सुक हैं।

जेम्स ने कहा, “छह महीने के रोटेशन का हम बेहद बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जिसमें हम अपने सबसे अहम साझेदार के साथ प्रशिक्षण, संचालन तथा अभ्यास कर सकते हैं।”

उल्लेखनीय है कि रोटेशन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा तथा उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष जुलिया गिलार्ड के बीच साल 2011 में हुए एक समझौते का हिस्सा है।

समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद पहली बार इतने व्यापक तौर पर अमेरिकी सैनिक ऑस्ट्रेलिया पहुंचे हैं। साल 2012 से बेहद कम संख्या में मरीन डार्विन भेजे जाते रहे हैं।

उत्तरी क्षेत्र के मुख्यमंत्री माइकल गनर ने कहा कि एक रक्षा कस्बा होने पर डार्विन गौरवान्वित है।

गनर ने कहा, “हमारी दीर्घकालिक साझेदारी तथा मित्रता के तहत अमेरिकी सैनिकों के आने का हम स्वागत करते हैं।”

उन्होंने कहा, “मरीन अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देते हैं और यह ऐसे समय में हो रहा है, जब कई क्षेत्रों का व्यापार कठिन दौर से गुजर रहा है।”

डेलॉइट एक्सेस इकोनॉमिक की एक रपट में यह बात सामने आई है कि मरीन उत्तरी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में सालाना 37 लाख डॉलर का योगदान करते हैं।

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