सिडनी, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने शनिवार को आस्ट्रेलिया के साथ मजबूत एवं ऐतिहासिक साझेदारी की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि हम आस्ट्रेलिया के साथ अमेरिका के शरणार्थी समझौते का सम्मान करेंगे।
पेंस ने आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोनों देशों के बीच इस समझौते का सम्मान किया जाएगा। हालांकि, अमेरिका इसके लिए सहमत नहीं था।
उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने यह स्पष्ट किया है कि हम इस समझौते का सम्मान करेंगे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम इसकी सराहना करते हैं।”
गौरतलब है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें आस्ट्रेलिया के दो द्वीपों मानुस और नाउरू के हिरासत केंद्र में रह रहे अमेरिका के 1,250 शरणार्थियों के पुनर्वास की व्यवस्था करने की बात कही गई है।
ट्रंप ने पदभार संभालने के तुरंत बाद ही फोन पर टर्नबुल के साथ इस समझौते पर चर्चा की थी। उन्होंने ट्वीट कर भी इस समझौते के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की थी।
पेंस ने कहा कि इस समझौते को क्रियान्वित करने का फैसला दोनों देशों के ऐतिहासिक गठबंधन का प्रमाण होगा।
पेंस और टर्नबुल ने शरणार्थी सौदे से इतर कहा कि उन्होंने उत्तर कोरियाई संकट सहित दक्षिण चीन सागर की स्थिति और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।
समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, आस्ट्रेलिया के तीन दिवसीय दौरे पर शुक्रवार देर शाम सिडनी पहुंचे पेंस अपनी एशिया-प्रशांत दौरे के आखिरी चरण में हैं।
पेंस ने आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल के साथ बैठक के दौरान कहा, “मैं राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर आज यहां मौजूद हूं। यह दोनों देशों की सुरक्षा और समृद्धि के मजबूत संबंधों को दर्शाता है।”
आस्ट्रेलिया के गवर्नर जनरल पीटर कोस्ग्रोव ने पेंस का सिडनी में स्वागत किया। वह शनिवार देर रात अन्य वरिष्ठ अधिकारियों, सैन्यकर्मियों और दोनों देशों के अग्रणी कारोबारियों से भी मुलाकात करेंगे।
वह इस दौरान दक्षिण चीन सागर के क्षेत्रीय विवादों और सीरियाई संकट पर भी चर्चा करेंगे।
ट्रंप के जनवरी में पदभार संभालने के बाद आस्ट्रेलिया का दौरा करने वाले पेंस सबसे वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी हैं।
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