न्यू जर्सी/पटना, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। सुपर 30 के संस्थापक और गणितज्ञ आनंद कुमार ने अमेरिका में बसे बिहार के लोगों से दुनिया को बेहतर बनाने के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बिहार की मिट्टी में एक अलग किस्म की चमक है, जो अपने कर्तव्य से दुनिया को बेहतर से बेहतर बना सकती है।
बिहार झारखंड एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका द्वारा न्यू जर्सी में आयोजित सम्मान समारोह में उन्होंने संस्थान सुपर 30 के विषय में लोगों को खुलकर बताया। उत्सुक लोगों ने भी उनसे कई सवाल किए।
समाज के अतिवंचित तबके के उत्थान में आनंद कुमार के अमूल्य योगदान को देखते हुए बिहार झारखंड एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका उन्हें सम्मानित करने का फैसला लिया था।
इस सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में अप्रवासी बिहारी पहुंचे। आनंद ने सुपर 30 के अपने सफर के बारे विस्तार से चर्चा की, अपने अनुभवों को बांटा और लोगों के बीच इस बात को प्रमुखता से रखा कि यदि मन में कुछ करने की ²ढ़ इच्छाशक्ति हो, तो दुनिया का कोई लक्ष्य ऐसा नहीं है, जिसे पाया नहीं जा सकता।
सम्मेलन में न्यूजर्सी के रयल अल्बर्ट पैलेस में बड़ी संख्या में लोग आनंद को सुनने के लिए पहुंचे। आनंद का लोगों ने खड़े होकर और तालियां बजाकर स्वागत किया।
आनंद ने अपने सुपर 30 के बच्चों के अनुभवों को साझा करते हुए कहा, “अगर योग्यता के रास्ते में गरीबी बाधा नहीं बने, तो दुनिया योग्य व्यक्तियों से भर जाएगी।”
आनंद कुमार ने लोगों के बीच अपने परिवार की जानकारी दी और अपने ऊपर लिखी गई किताब के बार में भी संक्षिप्त रूप से चर्चा की।
इस सम्मान समारोह में इंडियन एसोसिएशन के चेयरमैन रमेश पटेल और उपाध्यक्ष आलोक कुमार ने स्मृति चिन्ह देकर आनंद कुमार को सम्मानित किया।
बिहार की राजधानी पटना स्थित सुपर 30 भारतीय प्रोद्यौगिकी संस्थान (आईआईटी) की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने के लिए चर्चित है। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर 30 बच्चों को आईआईटी की प्रवेश परीक्षा की मुफ्त तैयारी कराई जाती है।
dharmpath.com dharmpath