चेन्नई, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के एक पूर्व सांसद ने कहा कि पार्टी उप महासचिव टी.टी. वी. दिनाकरन की गिरफ्तारी के कारण पार्टी के दोनों गुटों के बीच प्रस्तावित एकीकरण वार्ता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
पूर्व सांसद के.सी. पलनीस्वामी ने आईएएनएस को बताया, “कानून ने अपना काम किया है। दिनाकरन ने निर्वाचन अधिकारियों को रिश्वत देने की कोशिश करके लोकतंत्र पर प्रहार किया। हमारी पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी महासचिव जे. जयललिता ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया था।”
दिल्ली पुलिस ने दिनाकरन को मध्यस्थ सुकेश चंद्रशेखर के जरिए निर्वाचन अधिकारियों को रिश्वत देने की कोशिश के आरोप में मंगलवार रात को गिरफ्तार कर लिया था।
जयललिता के निधन के बाद दिसंबर 2016 में एआईएडीएमके दो गुटों में बंट गई थी।
एक गुट का नेतृत्व महासचिव वी.के. शशिकला और दूसरे का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम कर रहे हैं।
पलनीस्वामी, पन्नीरसेल्वम गुट के प्रवक्ता हैं।
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