काबुल, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। तालिबान ने शुक्रवार को अफगानिस्तान में बागियों से बचाव की अपनी सालाना प्रक्रिया फिर शुरू करने का ऐलान किया। एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने इसे ‘ऑपरेशन मंसूरी’ कोड दिया है। यह नाम उनके नेता मुहम्मद अख्तर मंसूरी के नाम पर रखा गया है, जो 2016 में यूएस ड्रोन हमले में अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर मारे गए थे।
तालिबान अफगानिस्तान की सत्ता से 2001 में बाहर हुई थी।
विद्रोही गुट ने नागरिकों से अधिकारियों की ओर से बुलाई गई बैठकों, सैनिक के दलों और केंद्र से दूर रहने के लिए लोगों को चेतावनी दी है कि सरकार का समर्थन न करें।
तालिबान से सालों के संघर्ष के बाद अफगानिस्तान में अभी लगभग 13,000 विदेशी सैनिक अफगान सेना को प्रशिक्षित करने और मदद के लिए बचे हुए हैं।
एक दिन पहले ही संयुक्त राष्ट्र ने अफगानिस्तान में चल रहे संघर्ष से नागारिकों की बेहतर रक्षा के लिए और कदम उठाए जाने की चेतावनी दी थी।
देश में संयुक्त राष्ट्र मिशन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष की शुरुआत के पहले तीन महीनों में लगभग 715 नागरिकों की मौत हो चुकी है और अन्य 1,460 घायल हुए हैं।
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