पेरिस, 15 मई (आईएएनएस)। फ्रांस के राष्ट्रपति के रूप में इमानुएल मैक्रों का सोमवार को आधिकारिक रूप से पहला दिन है।
राष्ट्रपति के रूप में मैक्रों प्रधानमंत्री की नियुक्ति करेंगे और इसके बाद जर्मनी का दौरा कर वहां चांसलर एंजेला मर्केल से मुलाकात करेंगे।
‘बीबीसी’ के मुताबिक, मैक्रों के लिए प्रधानमंत्री की नियुक्ति करना बहुत महत्वपूर्ण है, जिन्हें अगले माह होने वाले संसदीय चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा, ताकि वह अपने नियोजित आर्थिक सुधारों पर जोर दे सकें।
मैक्रों (39) ने रविवार को देश के 25वें राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। उन्होंने देश के सबसे युवा राष्ट्रपति बनकर इतिहास रचा है।
वह लोगों को यह भरोसा दिलाने में कामयाब रहे हैं कि फ्रांस की शक्ति नहीं घट रही है और देश नवचेतना की कगार पर है।
मैक्रों की पार्टी ले रिपब्लिक एन मार्शे ने जून में होने वाले संसदीय चुनावों के लिए 400 से अधिक उम्मीदवारों को उतारने का ऐलान किया है।
गौरतलब है कि मैक्रों ने सात मई को धुर दक्षिणपंथी नेशनल फ्रंट की नेता मरीन ले पेन को हराकर इतिहास रच दिया था। मैक्रों को 66 फीसदी वोट मिले थे।
मैक्रों ने इससे पहले कभी चुनाव नहीं लड़ा था और उन्होंने एक साल पहले ही अपनी पार्टी का गठन किया था।
अधिकारियों के मुताबिक, जर्मनी के साथ संबंध सौहार्दपूर्ण रह सकते हैं, क्योंकि मैक्रों यूरोपीय संघ के समर्थक हैं।
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