अफीम की आमदनी अफगान तालिबान का प्रमुख आर्थिक स्रोत

काबुल, 22 मई (आईएएनएस)। तालिबान आतंकी अफीम उगाने वालों से कर वसूलते हैं और इस धनराशि का इस्तेमाल हथियार खरीदने और अफगान सरकार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने कर रहे हैं।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, देश के सारीपुल प्रांत के उत्तरी अशांत क्षेत्र में किसान तालिबान के नियंत्रण में हैं और तालिबान उन्हें अफीम की खेती के लिए प्रोत्साहित करता है।

क्षेत्र के एक निवासी ने कहा, “अफीम की खेती में वृद्धि का मतलब तालिबान के राजस्व में इजाफा और हथियार खरीदने के उनके आर्थिक स्रोतों में वृद्धि और उसके बाद प्रांत व देश को बड़े स्तर पर छति पहुंचाना है।”

सारीपुल के गवर्नर जहीर वाहदत ने कहा कि आतंकवादी, किसानों को अफीम उगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं और यही कारण है कि तालिबान के कब्जे वाले इस क्षेत्र में अफीम की खेती लगातार बढ़ती जा रही है।

अफगानिस्तान की मादक पदार्थ रोधी मंत्रालय और संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (यूएनओडीसी) के सर्वे में कहा गया है, “आतंकवादी गतिविधियों से तबाह हुए अफगानिस्तान में 2016 में 2015 के 3,300 टन के मुकाबले 4,800 टन अफीम पैदा हुई है।”

इसमें से ज्यादातर अवैध अफीम की फसल सरकार विरोधी आतंकियों के कब्जे वाले अशांत क्षेत्रों में उगाई गई थी।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493