नई दिल्ली, 29 मई (आईएएनएस)। चार दिनों से चल रहे साई-कोरियाई एम्बेसडर कप तायक्वोंडो चैम्पियनशिप का समापन रोमांचक रहा। इस चैम्पियनशिप में 394 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिसमे क्योरागी (फाइट) में 221 मैच और पूमसाए में 48 मैच खेले गए।
इस चैम्पियनशिप में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के नौ क्षेत्रीय केंद्रो ने हिस्सा लिया।
कैडेट और जूनियर विजेताओं में 176 पदक वितरित हुए और सीनियर वर्ग के विजेताओं को कुल 72 पदक मिले। साई के क्षेत्रीय केंद्रों में केरेल प्रथम स्थान और गुवाहाटी दूसरे स्थान पर रहा।
भारत के कोरियन कल्चरल सेंटर के निदेशक किम कुम प्योंग ने सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों को प्रतोयोगिता में अपने प्रतिद्वंदी से सीख लेना चाहिए। हार-जीत की प्रतिक्रिया तो चलती रहेगी, लेकिन सीखने की ललक ही शिखर तक लेकर जाती है।
साई के क्षेत्रीय निदेशक संजय सारास्वत ने कहा की इस प्रतियोगिता का दिल्ली में होना एक सौभाग्य की बात है। इससे कई खिलाड़ियों को एक नया रास्ता मिलेगा।
इस चैम्पियनशिप में प्रथम एवं द्वितीय स्थान के विजेताओं को दो सप्ताह के लिए प्रशिक्षित किया जायेगा। इस प्रशिक्षण के बाद 12 चुने हुए खिलाड़ी ‘चुनच्यों कोरिया ओपन इंटरनेशनल तायक्वोंडो चैम्पियनशिप’ में का हिस्सा बनेंगे।
वरिष्ठ फीमेल विजेता (49के जी कैटेगरी-साई लखनऊ केंद्र) ने कहा की यह एक बहुत कठिन प्रतियोगिता थी। उन्होंने कहा, “मैंने यह प्रतियोगिता जीती। हालांकि, इसमें मेरी प्रतिद्वंदी भी जीत सकती थी। इसे देखते हुए मुझे अपने खेल में सुधार करना होगा।”
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