अम्मान, 5 जून (आईएएनएस)। जॉर्डन सरकार ने 2016 में एक सैन्य काफिले पर हमले में कथित तौर पर शामिल अपने एक सैनिक पर औपचारिक तौर पर हत्या का आरोप लगाया है। इसमें तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी।
जॉर्डन के एक सरकारी अधिकारी ने सीएनएन से रविवार को कहा, “सैनिक पर आधिकारिक तौर पर इरादतन हत्या का आरोप लगाया जा रहा है।”
अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बातचीत की और जवान की पहचान उजागर नहीं की।
अमेरिकी सेना के विशेष बल के तीन जवानों को 4 नवंबर 2016 को जॉर्डन के किंग फैसल एयर बेस पर गोली मार दी गई थी।
जॉर्डन के जवान और अमेरिकी सैनिकों के बीच भारी गोलीबारी हुई थी। जॉर्डन के जवान ने शरीर कवच पहन रखा था और एम-16 राइफल लिए था। अमेरिकी सैनिक सिर्फ पिस्तौल लिए हुए थे।
जॉर्डन के जवान ने अमेरिकी सैनिकों के वाहन पर गोलीबारी की, जब इस वाहन को बेस के प्रवेश द्वार पर रोका गया था। हमले में आर्मी स्टॉफ सार्जेट केविन मैकेनरो की मौके पर ही मौत हो गई और स्टॉफ सार्जेट मैथ्यू लेवेलेने गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
तीसरे व्यक्ति स्टॉफ सार्जेट जेम्स मोरियार्टी ने अपने पिस्तौल से जॉर्डन के जवान पर गोलीबारी की लेकिन बाद में वह भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
सीएनएन के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने मार्च में तय किया कि घटना के समय तीनों व्यक्तियों ने उचित प्रक्रिया का पालन किया था।
रिपोर्ट की एक प्रति के अनुसार, अमेरिका के एक विशेष अभियान कमांड की जांच में पाया गया कि गोलीबारी में अमेरिकी बलों ने असाधारण वीरता व पराक्रम का प्रदर्शन किया।
रिपोर्ट में कहा गया, “ऐसे कोई साक्ष्य नहीं है कि अमेरिकी बल जॉर्डन बेस में प्रवेश प्रक्रियाओं का पालन करने में विफल रहे थे।”
जॉर्डन मीडिया ने शुरू में इस घटना के लिए अमेरिकी सैनिकों के बेस में प्रवेश की प्रक्रिया का पालन नहीं करने दोष लगाया था।
तीनों सैनिक जॉर्डन में प्रशिक्षण मिशन का हिस्सा थे।
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