कुआलालम्पुर, 7 जून (आईएएनएस)। एशियन फुटबाल परिसंघ (एएफसी) मुख्यालय में भारतीय फुटबाल के हितधारकों के बीच हुई बैठक में खेल के विकास के लिए मिलकर काम करने को लेकर आम सहमति से काम करने का फैसला लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता एएफसी के महासचिव दाटो विंडसर जॉन ने की।
बैठक में अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ), भारतीय खेल मंत्रालय, आई-लीग और इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) क्लब, फुटबाल खिलाड़ियों की संघ (एफपीएआई) और फीफा के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
हालांकि, आईएसएल की कई फ्रेंचाइजियों ने इसे अहम न बताते हुए बैठक में हिस्सा नहीं लिया।
हालांकि, बैठक में इस बात पर अंतिम फैसला नहीं निकल पाया कि एएफसी कप में आईएसएल टीम को जगह मिलेगी या नहीं लेकिन जॉन ने कहा कि बैठक में कई सकारात्मक पहलू निकल कर आए हैं।
उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य साफ था, भारतीय फुटबाल के लिए रोडमैप तैयार करना। इस मामले में उचित कदम उठाए गए और सभी ने आम सहमति से खेल के विकास के लिए सही ढांचे की बात को स्वीकार किया।”
उन्होंने कहा, “एएफसी का लक्ष्य फुटबाल को एशिया में नंबर एक खेल बनाना है और इस लक्ष्य में भारत का सहयोग और भारत में फुटबाल का विकास दोनों बेहद जरूरी हैं। इस बात में कोई शक नहीं है कि भारतीय फुटबाल में अपार क्षमता है और बैठक इसी क्षमता के दोहन के तरीके पर विचार के लिए बुलाई गई थी।”
एआईएफएफ के सचिव कुशल दास ने कहा, “हम भारतीय फुटबाल के विकास के लिए एएफसी द्वारा बैठक के लिए शुक्रगुजार है। देश में खेल को सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए हमें एक प्रक्रिया से गुजरना होगा। इस बीच हमें जल्द ही भविष्य को लेकर छोटी-छोटी योजनाएं बनानी होंगी।”
बैठक में इस बात का भी फैसला किया गया कि एआईएफएफ छोटे कार्यकाल की योजना बनाएगा, साथ ही मध्य काल और दीर्घ काल की योजनाएं को लेकर प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा करेगा।
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