संयुक्त राष्ट्र, 15 जून (आईएएनएस)। कानून विशेषज्ञ नीरू चड्ढा को समुद्र संबंधी कानून से जुड़े विवादों से निपटने वाली संयुक्त राष्ट्र न्यायिक संस्था इंटरनेशनल ट्राइब्यूनल फॉर लॉ ऑफ द सी (आईटीएलओएस) की न्यायाधीश चुनी गई हैं।
वह 21 सदस्यीय अदालत में स्थान पाने वाली पहली भारतीय महिला न्यायाधीश हैं।
नीरू बुधवार को नौ वर्ष के कार्यकाल के लिए निर्वाचित हुई। इस अदालत में दो देशों के बीच समुद्री विवादों का निपटारा किया जाता है।
इस ट्राइब्यूनल का गठन 1996 में किया गया था और इसका केंद्र जर्मनी के हैमबर्ग में हैं।
नीरू चड्ढा एशिया प्रशांत समूह से एकमात्र उम्मीदवार थीं, जिन्हें पहले दौर के मतदान में चुना गया। इस दौरान 168 देशों ने मतदान किया।
न्यायाधीश पी.चदं्रशेखर राव ने इस साल अपना दूसरा नौ वर्षीय कार्यकाल पूरा कर लिया था। वह 1999 से 2002 तक ट्राइब्यूनल के अध्यक्ष रहे।
चड्ढा भारत सरकार की पहली महिला मुख्य कानूनी सलाहकार थीं। वह विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव और संयुक्त राष्ट्र मिशन में भारत की सलाहकार थीं।
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