महिला विश्व कप : वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत को शिथिलता से बचना होगा

नई दिल्ली, 28 जून (आईएएनएस)। पहले मैच में तीन बार की चैम्पियन इंग्लैंड पर 35 रन की शानदार जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम महिला विश्व कप में आत्मविश्वास से भरी हुई है और पिछली बार की उपविजेता वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले अपने अगले मैच में भी इसी तरह के तेजतर्रार रुख का परिचय देने के लिए तैयार है।

नई दिल्ली, 28 जून (आईएएनएस)। पहले मैच में तीन बार की चैम्पियन इंग्लैंड पर 35 रन की शानदार जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम महिला विश्व कप में आत्मविश्वास से भरी हुई है और पिछली बार की उपविजेता वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले अपने अगले मैच में भी इसी तरह के तेजतर्रार रुख का परिचय देने के लिए तैयार है।

वहीं ऑस्ट्रेलिया से अपने पहले मैच में आठ विकेट की हार झेलने के बाद कैरेबियाई टीम की हालत किसी घायल शेरनी से कम नहीं है।

हालांकि विश्व कप में भारत के खिलाफ एकबार भी जीत न हासिल करने का वेस्टइंडीज का रिकॉर्ड उसे मनोवैज्ञानिक रूप से और भी कमजोर बनाता है। मैच टॉन्टन के काउंटी ग्राउंड पर गुरुवार को खेला जाएगा।

वेस्टइंडीज को यदि अपने पिछले रिकॉर्ड को बदलना है तो उसे खासकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जल्दी-जल्दी विकेट खोने की अपनी आदत पर लगाम लगानी होगी। पिछले कुछ वर्षो में वेस्टइंडीज ने रनों का पीछा करने में महारथ हासिल की है और वनडे क्रिकेट में उसके प्रदर्शन में भी काफी सुधार आया है। यह टीम पिछले विश्व कप की उपविजेता है, जबकि भारतीय टीम उस विश्व कप में निराशाजनक ढंग से सातवें स्थान पर लुढ़क गई थी।

उसकी तेजतर्रार बल्लेबाज डाएंड्रा डॉटिन और हरफनमौला कप्तान स्टेफनी टेलर से उसे काफी उम्मीदें हैं। पूर्व कप्तान और विकेटकीपर मेरिसा ऑग्यूलेरा और बिग बैश लीग (बीबीएल) तथा केआईए सुपर लीग में खेल चुकीं अनुभवी हेले मैथ्यूज उसे और भी मजबूत बनाती हैं।

वहीं भारतीय टीम को किसी भी तरह की शिथिलता से बचना होगा। शीर्ष चार में जगह बनाने के लिए उसका हर मैच अहम है। कप्तान मिताली राज टीम की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी हैं, जिनके नाम विश्व कप की अब तक खेली 15 पारियों में 468 रन दर्ज हैं। इंग्लैंड के खिलाफ मैच में उन्होंने लगातार सातवां अर्धशतक लगाकर अच्छी फॉर्म का परिचय दिया है।

वहीं सलामी बल्लेबाजों स्मृति मंधाना और पूनम राउत से एकबार फिर टीम को नायाब शुरुआत देने की उम्मीद है। भारतीय बल्लेबाजों को विकेट के बीच की दौड़ और विकेट के पीछे सुषमा वर्मा के प्रदर्शन में सुधार की जरूरत है। सुषमा ने इंग्लैंड के खिलाफ पिछले मैच में विकेट के पीछे दो मौके गंवाए, जिससे उस समय मैच का रुख इंग्लैंड की ओर जाता दिखाई देने लगा था।

यही पक्ष कभी भारत की मजबूती हुआ करता था, जहां विकेटकीपरों ने विश्व कप में अब तक भारत की कई जीतों में अहम भूमिका निभाई है। अंजू जैन के नाम विकेट के पीछे 17 स्टम्प और 14 कैच का रिकॉर्ड दर्ज है।

भारत का विश्व कप में वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार प्रदर्शन रहा है। भारत ने वेस्टइंडीज को 1993 के वल्र्ड कप में 64 रन से हराया था। उस मैच में बाएं हाथ की स्पिनर डायना एडूलजी ने नौ ओवर में 15 रन देकर तीन विकेट चटकाए थे। 1997 में वेस्टइंडीज की टीम भारत के खिलाफ 146 रन के लक्ष्य के जवाब में केवल 83 रन पर सिमट गई थी। पूर्णिमा चौधरी ने 21 रन में पांच खिलाड़ियों को आउट किया था।

2005 में वेस्टइंडीज ने पहले खेलते हुए 135 रन बनाए, जिसे भारत ने 102 गेंद और 8 विकेट हाथ में रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। झूलन गोस्वामी ने 16 रन में चार विकेट हासिल किए। 2009 में भारत ने वेस्टइंडीज से मिले 85 रन के लक्ष्य को दो विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस मैच में लेग स्पिन गेंदबाज प्रियंका राव ने 14 रन में चार विकेट हासिल किए थे।

2013 में भारत ने विश्व कप का अपना सबसे बड़ा स्कोर छह विकेट पर 284 रन बनाया। इसके जवाब में वेस्टइंडीज की टीम 179 रन पर सिमट गई। इस मैच का आकर्षण टी. कामिनी और पूनम राउत के बीच रिकॉर्ड 175 रन की साझेदारी रही। भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ ये पांच जीतें 1993 से 2013 के बीच दर्ज कीं।

(लेखक महिला क्रिकेट के विशेषज्ञ और इतिहासकार हैं)

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