सुवा, 3 जुलाई (आईएएनएस)। जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा के लिए सोमवार को प्रशांत द्वीप समूह के देशों के करीब 300 नेता व जानकार यहां एकत्रित हुए।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, फिजी ब्राडकास्टिंग कॉरपोरेशन ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि इस कार्यक्रम का आयोजन क्लाइमेट एक्शन पैसिफिक पार्टनरशिप (सीएपीपी) ने किया, ताकि विचारों का आदान-प्रदान, नवाचार व समाधानों को बढ़ावा दिया जा सके।
यह प्रशांत क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई को बढ़ावा देने के लिए परिवर्तनकारी परिणामों व पहल करने व दुनिया में कहीं भी इससे लड़ाई में सहयोग की मांग करता है।
बैठक के एजेंडे में प्रशांत के नेताओं, नागरिक समाज और निजी क्षेत्रों के योगदान के साथ इस पर बातचीत सत्र आयोजित करना है।
फिजी की सरकार जर्मनी के बॉन में आयोजित होने वाले 23वें जलवायु परिवर्तन सम्मेलन की अध्यक्ष होगी।
यह पूरा क्षेत्र जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स का अनुमान है कि पूरे प्रशांत द्वीप समूह में एक करोड़ लोगों के घर हैं, जिसमें 17 लाख लोग जलवायु परिवर्तन की वजह से 2050 तक विस्थापित हो सकते हैं।
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