नई दिल्ली, 4 जुलाई (आईएएनएस)। आई-लीग समिति की बुधवार को होने वाली बैठक में आने वाले सत्र में आठ विदेशी खिलाड़ियों को शामिल करने के नए प्रस्ताव को लेकर चर्चा हो सकती है।
लीग के नौ क्लबों में से पांच ने अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) से इस प्रस्ताव पर विरोध दर्ज कराया है।
पिछले महीने जब आई-लीग क्लबों ने बैठक की थी तो यह प्रस्ताव रखा गया था कि लीग में एक टीम के पास आठ विदेशी खिलाड़ी होंगे, जिसमें से अधिकतम पांच खिलाड़ियों को अंतिम एकादश में शामिल किया जा सकेगा।
बीते दो दिनों में मोहन बागान, ईस्ट बंगाल और चर्चिल ब्रदर्स को छोड़कर शेष क्लब नए प्रस्ताव के विरोध में आ गए हैं।
मिनर्वा पंजाब एफसी, चेन्नई सिटी एफसी, शिलांग लाजोंग, नेरोका एफसी और मौजूदा विजेता आइजोल एफसी का कहना है कि वह हमेशा से राष्ट्रीय टीम की मदद करना चाहते हैं और इसलिए टीम में विदेशी खिलाड़ियों की संख्या में इजाफे के खिलाफ हैं।
एआईएफएफ के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, “होने वाली बैठक इसी मुद्दे पर बुलाई गई है और इसी मुद्दे पर विचार-विमर्श किया जाएगा।”
आई-लीग के मौजूदा नियम के मुताबिक एक टीम चार विदेशी खिलाड़ी को शामिल कर सकती है, जिसमें से एशियन फुटबाल परिसंघ (एएफसी) के नियम के मुताबिक एक खिलाड़ी एशिया का होगा। अगर नया नियम लागू होता है तो आठ विदेशी खिलाड़ियों में से दो एशिया के होंगे।
एआईएफएफ के सूत्रों की मानें तो इस नए प्रस्ताव के खारिज होने की ज्यादा संभावना है।
मोहन बागान और ईस्ट बंगाल इस नियम का इसलिए समर्थन कर रहे हैं, क्योंकि इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में भी ऐसा ही नियम लागू होने जा रहा है और यह दोनों क्लब प्रतिद्वंद्वी लीग की बराबरी करना चाहते हैं।
आईएसएल में आने वाले संस्करण से एक टीम में आठ विदेशी खिलाड़ी और अंतिम एकादश में पांच विदेशी खिलाड़ी होंगे।
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