काम के घंटे लंबे होने से दिल के दौरे का खतरा

लंदन, 15 जुलाई (आईएएनएस)। काम के घंटे लंबे होने से दिल की धड़कन के अनियमित होने का जोखिम हो सकता है। इस अवस्था को आट्रियल फाइब्रलेशन कहते हैं। यह स्ट्रोक व हार्ट फेल्योर को बढ़ाने का काम करता है।

शोध में पता चला है कि ऐसे लोग जो सप्ताह में 35 से 40 घंटे काम करते हैं, उनकी तुलना में 55 घंटे काम करने वालों में आट्रियल फाइब्रलेशन के होने की संभावना करीब 40 फीसदी होती है।

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के प्रोफेसर मिका किविमाकी ने कहा, “उन लोगों में अतिरिक्त 40 फीसदी जोखिम बढ़ना एक गंभीर खतरा है, जिन्हें पहले ही दूसरे कारकों जैसे ज्यादा उम्र, पुरुष, मधुमेह, उच्च रक्त चाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, मोटापा धूम्रपान व शारीरिक गतिविधि नहीं करने से दिल के रोगों का ज्यादा खतरा है या जो पहले ही दिल के रोगों से पीड़ित हैं।”

किविमाकी ने कहा, “यह उन प्रक्रियाओं में से एक हो सकता है जिसे पहले के अध्ययनों में लंबे समय तक काम करने वालों में स्ट्रोक के खतरे की संभावना बताई गई है। आट्रियल फाइब्रलेशन स्ट्रोक के विकास व स्वास्थ्य पर दूसरे प्रतिकूल असर डालता है। इसमें हार्ट फेल्योर व स्ट्रोक से जुड़े डेमेंशिया शामिल हैं।”

इस शोध का प्रकाशन ‘यूरोपियन हार्ट जनरल’ में किया गया है।

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