इस्लामाबाद , 21 जुलाई (आईएएनएस)। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने देश की खुफिया एजेंसियों को पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के एक सहयोगी को पांच दिनों के अंदर न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया है। पूर्व राष्ट्रपति के सहयोगी को कथित तौर पर चार अप्रैल को उसके घर से कथित तौर पर उठा लिया गया था।
पाकिस्तान के प्रमुख समाचार पत्र ‘द डॉन’ की शुक्रवार की एक रपट के अनुसार, गुरुवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति मोहसिन अख्तर कयानी ने रक्षा एवं आंतरिक मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली खुफिया एजेंसियों को चेतावनी दी कि यदि वे 25 जुलाई तक नवाब लेघारी को न्यायालय में प्रस्तुत करने में असफल रहती हैं तो उन्हें कठोर फैसले का सामना करना होगा।
न्यायाधीश ने सुझाव दिया कि एजेंसियों के प्रतिनिधि और जांच अधिकारी इस मामले को साथ मिलकर सुलझाएं।
‘द डॉन’ की रपट में कहा गया है कि इंटेलिजेंस ब्यूरो ने न्यायालय से कहा कि पीड़ित व्यक्ति उनकी हिरासत में नहीं है। इससे पहले देश की अन्य एजेंसियां -चर्चित इंटर-सर्विसिस इंटेलिजेंस(आईएसआई) और सेना की इंटेलिजेंस एजेंसी- भी गुमशुदा व्यक्ति के बारे में किसी भी प्रकार की सूचना होने से इंकार कर चुकी हैं।
न्यायालय में दाखिल याचिका के अनुसार, लेघारी इस्लामाबाद में स्वान गार्डन स्थित अपने घर पर थे, और उसी समय कुछ लोग घर का दरवाजा खटखटाते हैं और खुद को सरकारी अधिकारी बताते हैं।
याचिका में कहा गया है कि लेघारी और उनके सौतेले भाई ने अपने राष्ट्रीय पहचान पत्र आंगतुकों को दिखाए और उसके बाद आगंतुकों ने उन्हें कार में बिठाया और उन्हें लेकर कहीं दूर चले गए।
अपनी याचिका में लेघारी की पत्नी ने आरोप लगाया है कि आंतरिक सचिव ने उनके पति को अवैध रूप से कैद कर रखा है।
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