लम्बी रेस का घोड़ा हैं हार्दिक : सहवाग

नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। अपनी तूफानी बल्लेबाजी से बड़े-बड़े गेंदबाजों को परेशान करने वाले भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का मानना है कि उभरते हुए युवा हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या लंबी रेस के घोड़े हैं और अगर वह अपनी कबिलियत के मुताबिक प्रदर्शन करते हैं तो वह खेल के तीनो फॉरमेट में टीम के लिए अहम किरदार निभाते रहेंगे।

नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। अपनी तूफानी बल्लेबाजी से बड़े-बड़े गेंदबाजों को परेशान करने वाले भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का मानना है कि उभरते हुए युवा हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या लंबी रेस के घोड़े हैं और अगर वह अपनी कबिलियत के मुताबिक प्रदर्शन करते हैं तो वह खेल के तीनो फॉरमेट में टीम के लिए अहम किरदार निभाते रहेंगे।

हार्दिक ने इस साल वनडे क्रिकेट में गेंद और बल्ले से बेहतरीन प्रदर्शन किया है। चाहे इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई घरेलू सीरीज हो या चैम्पियंस ट्रॉफी वह गेंद और बल्ले से टीम के लिए कारगर साबित हुए हैं। हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भी पदार्पण किया और शतक लगाकर अपने खेल से सभी को प्रभावित किया।

सहवाग ने आईएएनएस से विशेष बातचीत में कहा, “हार्दिक लंबी रेस के घोड़े हैं और वह अगर वनडे क्रिकेट में अपने पूरे 10 ओवर फेंकते हैं तो इस भारतीय टीम को हरा पाना किसी भी टीम के बहुत मुश्किल होगा।”

हार्दिक इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हैं। यहीं से वह चयनकर्ताओं की नजर में आए और अब भारतीय वनडे टीम और काफी हद तक टेस्ट टीम का अहम हिस्सा हैं।

भारतीय टीम इस समय श्रीलंका में वनडे सीरीज खेल रही है। पांच मैचों की वनडे सीरीज में उसने 3-0 की अजेय बढ़त मेजबान टीम पर ले ली है। भारत ने टेस्ट सीरीज में भी श्रीलंका को 3-0 से मात दी थी।

श्रीलंका की टीम पर सहवाग की राय है कि वह बदलाव के दौर से गुजर रही है और टीम नई होने के कारण उसे अपने पैर जमाने में समय लगेगा।

सहवाग ने कहा, “श्रीलंका की टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है। उनके जितने बड़े खिलाड़ी थे, सभी संन्यास ले चुके हैं। इसलिए युवा खिलाड़यों को अनुभव हासिल करने में समय लगेगा। चैम्पियंस ट्रॉफी में एक वनडे मैच में उन्होंने जरूर भारत को हराया है, लेकिन अभी की टीम काफी नई है और उन्हें अभी टाइम लगेगा सैटल होने में और भारत को टक्कर देने में।”

उन्होंने कहा, “ये होता है। ये भारत के साथ भी हुआ। आस्ट्रेलिया के साथ भी हुआ। दक्षिण अफ्रीका के साथ भी हुआ और वेस्टइंडीज के साथ भी हुआ। ये हर टीम के साथ होता है, लेकिन इसमें कितना समय लगेगा इस पर निर्भर करता है कि युवा खिलाड़ी कितनी तेजी से आगे आकर जिम्मेदारियां स्वीकार करते हैं और अपनी प्रतिभा के साथ न्याय करते हैं।”

हाल ही में चयन समिति के अध्यक्ष एम.एस.के प्रसाद ने भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के भविष्य को लेकर कहा था कि अगर धौनी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते तो हमें दूसरे विकल्पों के बार में सोचना होगा। लेकिन धौनी के साथ विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे सहवाग, प्रसाद से इतर राय रखते हैं। सहवाग का कहना है कि धौनी के प्रदर्शन को न देखते हुए उनके अनुभव को तरजीह दी जाए।

बकौल सहवाग, “मुझे लगता है कि धौनी को 2019 विश्व कप खेलना चाहिए। उनके प्रदर्शन को नहीं देखना चाहिए क्योंकि हर खिलाड़ी के साथ एक ऐसा समय आता है कि जब वह खूब रन करता है और कभी-कभी उसका बल्ला रूठ जाता है। जितना अनुभव उन्हें निचले क्रम में बल्लेबाजी करने का है, उतना शायद किसी को नहीं है। उनका कोई विकल्प नहीं है।”

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