(छत्तीसगढ़)-बालोद से २५ किमी. दूर पहाड़ी पर स्थित सियादेवी मंदिर प्राकृतिक सुंदरता से शोभायमान है जो धार्मिक पर्यटन स्थल कहा जाता है। यहां पहुंचने पर झरना, जंगल व पहाडो से प्रकृति की खूबसूरती का अहसास होता है। इसके अलावा रामसीता लक्ष्मण, शिव पार्वती, हनुमान, राधा कृष्ण, सियादेवी, भगवान बुद्ध, बुढादेव की प्रतिमाएं है। यह स्थल पूर्णत: रामायण की कथा से जुडा हुआ है।
ऐसा माना जाता है कि त्रेता युग में भगवान् रामसीता माता और लक्षमण वनवास काल में इस जगह पर आये थे|यहाँ सीता माता के चरण के निशान भी चिन्हित किये गए हैं |बारिस में यह जगह खूबसूरत झरने की वजह से अत्यंत मनोरम हो जाती है| झरने को वाल्मीकि झरने के नाम से जाना जाता है| परिवार के साथ जाने के लिए यह बहुत बेहतरीन पिकनिक स्पाट है| यहाँ जाने का सबसे अच्छा समय जुलाई से फरवरी तक है|
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