इस्लामाबाद, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान की एक भ्रष्टाचार रोधी अदालत ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनकी बेटी मरियम नवाज और दामाद कैप्टन मोहम्मद सफदर पर परिवार के स्वामित्व वाली लंदन संपत्तियों से संबंधित भ्रष्टाचार संदर्भ (करप्शन रेफरेंस) में आरोप निर्धारित किए।
राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने शरीफ परिवार के खिलाफ लंदन स्थित उनकी एवेनफील्ड संपत्ति, अजीजिया स्टील मिल्स और साथ ही साथ 16 अन्य विदेशी कंपनियों से संबंधित तीन मामलों में संदर्भ पत्र (रिफरेंस) दाखिल किए गए हैं। जबकि वित्त मंत्री इसहाक दार के खिलाफ एक संदर्भ पत्र दाखिल किया गया।
पनामा पेपर मामले के सामने आने के बाद सर्वोच्च न्यायलय के आदेश की रोशनी में इनके खिलाफ एनएबी ने राष्ट्रीय जवाबदेही अदालत में रिफरेंस दायर किए हैं। सर्वोच्च ने 28 जुलाई को दिए अपने आदेश में शरीफ को पद के लिए अयोग्य ठहराया था।
सभी तीन आरोपियों ने आरोपों को गलत बताया है और इस मामले को चुनौती दी। अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री, उनकी बेटी और दामाद की कार्यवाही स्थगित करने और उन पर चल रहे मामले में अभियोग तय करने पर रोक लगाने वाली याचिका को खारिज करने के बाद यह कदम उठाया।
पूर्व प्रधानमंत्री और उनके बेटों हसन और हुसैन पर बाद में दो अन्य मामलों में आरोप तय किए जा सकते हैं।
मरियम नवाज ने अदालत से बाहर आते वक्त संवाददाताओं से कहा, “एक दिन उस जवाबदेही प्रक्रिया की जवाबदेही होगी जो आज उनके परिवार के साथ हो रही है। अन्याय और अत्याचार एक साथ नहीं रह सकते।”
मरियम और कैप्टन सफदर पर अभियोग के बारे में जिओ न्यूज से बात करते हुए अवामी मुस्लिम लीग (एएमएल) के नेता शेख रशीद ने कहा, “कानून आज सच में लागू किया गया है।”
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रवक्ता फवाद चौधरी ने कहा कि उनकी पार्टी मामले की प्रगति से संतुष्ट है।
चौधरी ने कहा, “इन मामलों में शामिल सारा पैसा पाकिस्तान के लोगों का हैं और यह पैसा वापस पाकिस्तान लाया जाएगा।”
अदालत परिसर के बाहर मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे। उन्होंने पुलिस का विरोध किया क्योंकि पुलिस ने उन्हें परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी थी।
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