कोलकाता, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। एशियाई खेल-1962 में फुटबाल टीम द्वारा जीते स्वर्ण पदक की याद दिलाते हुए केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने शनिवार को कहा कि भारत को फुटबाल को आगे ले जाने के लिए मेहनत करने की जरूरत है ताकि देश खेल में अपनी पुरानी पहचान हासिल कर सके।
कोलकाता, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। एशियाई खेल-1962 में फुटबाल टीम द्वारा जीते स्वर्ण पदक की याद दिलाते हुए केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने शनिवार को कहा कि भारत को फुटबाल को आगे ले जाने के लिए मेहनत करने की जरूरत है ताकि देश खेल में अपनी पुरानी पहचान हासिल कर सके।
राठौर ने कहा, “कई दर्शक आज जानते भी नहीं होंगे कि हमने कभी एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था और उस टीम का कप्तान बंगाल से था। हमारा देश एक बार ओलम्पिक में 14वें स्थान पर था। यह हमारे लिए यादगार पल है।”
राठौर ने फीफा अंडर-17 विश्व कप के फाइनल से पहले कहा, “हमें भारतीय फुटबाल को एक बार फिर पुराने रास्ते पर लाने की जरूरत है और अन्य खेलों में भी विकास करना है।”
इस मौके पर राठौर के साथ 1962 की भारतीय फुटबाल टीम के कप्तान चुन्नी गोस्वामी भी मौजूद थे।
2004 ओलम्पिक खेलों में निशानेबाजी में रजत पदक जीतने वाले राठौर ने कहा कि वह अंडर-17 विश्व कप की अवसंरचना से बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए भारत को और खिलाड़ियों की जरूरत है।
उन्होंने कहा, “यहां की अवसंरचना काफी अच्छी है। मैं चाहता हूं कि इस तरह की सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए खिलाड़ी हमेशा मौजूद रहें। अगर अवसंरचना का उपयोग नहीं होगा तो इसे बनाए रखने का कोई महत्व नहीं है इसलिए हमें ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों की जरूरत है।”
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