‘मुंबई हमले से कश्मीर मुद्दा प्रभावित हुआ, पाकिस्तान की छवि बिगड़ी’

वाशिंगटन, 7 नवंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के पूर्व विदेश सचिव रियाज मोहम्मद खान ने कहना है कि 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों ने कश्मीर के मुद्दे को अपूरणीय क्षति पहुंचाई और साथ ही साथ पाकिस्तान की छवि को भी धूमिल किया।

डॉन ऑनलाइन की मंगलवार की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हफ्ते की शुरुआत में पाकिस्तान उच्चायोग में एक सभा में संबोधन के दौरान खान ने कहा, “पाकिस्तान की छवि को धूमिल करने के अलावा, मुंबई हमलों ने कश्मीर के मुद्दे को अपूरणीय क्षति पहुंचाई।”

मुंबई हमलों में विदेशी पर्यटकों सहित कम से कम 166 लोग मारे गए थे। इन हमलों को 10 हथियारबंद आतंकवादियों ने अंजाम दिया। इन्होंने दो लक्जरी होटलों, एक यहूदी केंद्र व मुंबई के एक रेलवे स्टेशन को निशाना बनाया था।

भारत नवंबर में हुए हमलों के लिए जमात-उद-दावा (जेयूडी) प्रमुख हाफिज सईद को जिम्मेदार ठहराता है। सईद इन हमलों का मास्टरमाइंड रहा है। मुंबई हमले की वजह से भारत व पाकिस्तान युद्ध के कगार पर पहुंच गए थे।

खान ने सऊदी अरब के पवित्र स्थल काबा के इमाम द्वारा हाल में दिए गए एक फतवे का उल्लेख किया जिसमें कहा गया है कि इस्लाम निजी व्यक्तियों व समूहों को जिहाद की घोषणा करने की इजाजत नहीं देता है।

दैनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व विदेश सचिव ने कहा कि इन आतंकवादी समूहों की गलतियों का इस्तेमाल ‘कश्मीर के स्थानीय व विधिसम्मत आजादी आंदोलन’ को कमजोर करने के लिए नहीं किया जा सकता है क्योंकि ‘एक भी कश्मीरी भारतीय कब्जे का समर्थन नहीं करता है।’

पाकिस्तान के एक अन्य वरिष्ठ कूटनीतिज्ञ, राजदूत तौकीर हुसैन ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजनयिक निक्की हेली के बयान का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने भारतीयों से पाकिस्तान पर नजर बनाए रखने के लिए कहा है।

हुसैन ने कहा, “उनके जैसे (निक्की हेली जैसे) लोग भारत की मदद करके कश्मीरी संघर्ष को दबाकर पाकिस्तान के प्रभाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। भारत को याद रखना चाहिए कि उससे भी बड़े साम्राज्य अतीत में ढह चुके हैं और अगर वह कश्मीरी अवाम की तकलीफों की अनदेखी जारी रखेगा तो भारत के साथ भी ऐसा ही होगा।”

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