नई दिल्ली, 15 नवंबर (आईएएनएस)। एयरटेल दिल्ली हाफ मैराथन के आयोजक प्रोकेम इंटरनेशनल ने बुधवार को कहा है कि उनको उम्मीद है कि रविवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई में फैसला उनके पक्ष में होगा और उन्हें रविवार को रेस के आयोजन की अनुमति मिलेगी।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की कार्यकारी अध्यक्ष गीता मित्तल द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में होने वाली एयरलेट हाफ मैराथन को हवा की खराब गुणवत्ता के कारण स्थागित करने के लिए लिखे पत्र का उच्च न्यायालय ने संज्ञान लिया था और नोटिस जारी किया था।
प्रोकैम के संयुक्त महानिदेशक विवेक सिंह ने संवाददाताओं से कहा, “कल (गुरुवार) को हमारी अदालत में सुनवाई है जहां हम अपना पक्ष रखेंगे। यह अदालत पर निर्भर है कि वो क्या फैसला देगी लेकिन हमें उम्मीद है कि फैसला हमारे पक्ष में आएगा। जहां तक हमारी बात है तो हमारी तैयारी पूरी है।”
उन्होंने कहा, “कई अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी भारत के लिए निकल चुके हैं जबकि राष्ट्रीय खिलाड़ी महीनों से अभ्यास कर रहे हैं। हजारों एमेच्योर खिलाड़ी महीने भर से अभ्यास कर रहे हैं।”
सुरक्षा साधनों पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “यह एक तरीके से ग्रीन प्लेटफॉर्म है। हम उस दिन प्रदूषण के दो बड़े कारकों से निपट रहे हैं, यह हैं धूल नियंत्रण और अधिक वाहनों पर प्रतिबंध।”
उन्होंने कहा, “हम उस दिन पूरे कोर्स पर नमक से मिश्रित पानी डालेंगे। हम पूरे कोर्स पर रात एक बजे से छिड़काव करेंगे।”
सिंह से जब पूछा गया कि अगर अदालत का फैसला रेस को स्थागित करने का आता है तो उन्होंने कहा कि इसका अर्थ होगा कि विश्व मैराथन चैम्पियन ज्यॉफ्री किरुई और रियो ओलम्पिक में 10,000 मीटर महिला रेस की विजेता अल्माज अयाना रेस में भाग नहीं लेंगे। इस रेस को हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ (आईएएएफ) ने गोल्ड लेबल रेस का दर्जा दिया है।
उन्होंने कहा कि अगर रेस स्थागित होती है तो इसका असर चैरिटी के लिए अर्जित की जाने वाली राशि पर पड़ेगा।
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