कोच्चि, 16 नवम्बर (आईएएनएस) दो बार की उपविजेता केरला ब्लास्टर्स टीम के कोच रेने मेयुलेस्टीन को उम्मीद है कि हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के चौथे सीजन के पहले मैच में जब उनकी टीम मौजूदा चैम्पियन एटीके के खिलाफ कोच्चि के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में शुक्रवार को मैदान पर उतरेगी तो वह इस दिग्गज क्लब के डिफेंस को भेदते हुए लीग का विजयी आगाज कर सकेगी।
नीदरलैंड्स के रेने अपनी तकनीकी कोचिंग शैली के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने ऐसे संकेत दिए हैं कि वह उसी शैली के साथ खेलेंगे, जिसमें वो हमेशा से विश्वास करते हैं- गैरजरूरी चीजों को छोड़ना और तेजी से फुटबाल खेलना ताकि जगह और स्कोर दोनों मिलें।
उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा खिलाड़ियों से कहा है कि उन्हें पता लगाना होगा किस स्थान पर उनके पसंदीदा खिलाड़ी खड़े हैं, उन्हें देखना होगा, वो क्या कर रहे हैं, यह पता लगाना होगा। अगर आप बड़े खिलाड़ियों को देखेंगे तो वह गैरजरूरी टच नहीं लेते हैं और इससे अलग तरह की लय मिलती है तथा खेलने की तेजी पर भी असर पड़ता है, यही बात उन्हें दूसरों से अलग खड़ी करती है। उम्मीद है कि हम इसे टीम में ला पाएं और मैच में लागू कर पाएं।”
दो बार की विजेता के खिलाफ येलो आर्मी आठ मैचों में सिर्फ एक बार ही जीती है। तीन साल पहले लीग के पहले सीजन में उसे 2-1 से जीत मिली थी। रेने के पास हालांकि वो खिलाड़ी अभी भी मौजूद है, जिसने उस मैच में गोल किया था। ये खिलाड़ी हैं बेहतरीन कनाडाई स्ट्राइकर इयन ह्यूम।
इसी के साथ उन्हें एक और बात ध्यान में रखनी होगी कि ब्लास्टर्स की टीम एक ही बार सीजन का पहला मैच जीतने में असफल रही है वो भी एटीके के खिलाफ। मेहमान टीम पिछले तीन सीजन में ब्लास्टर्स के खिलाफ एक भी मैच घर से बाहर नहीं हारी है।
एटीके ने ब्लास्टर्स के खिलाफ 11 गोल किए हैं और दो बार फाइनल में उन्हें हराते हुए खिताब जीतने से महरूम रखा है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए यही कहा जा सकता है कि घरेलू टीम पर दबाव है, लेकिन रेने का कहना है, “मैं किसी को भी उतार सकता हूं। अतीत कल में मायने नहीं रखता।”
हालांकि एटीके के लिए इस तरह का माहौल नहीं है। वह पहले मैच में अपने स्टार खिलाड़ी रोबी कीन के बिना उतरेगी। इस बात की चिंता मुख्य कोच टेडी शेरिंघम को नहीं है। मैनचेस्टर युनाइटेड के पूर्व स्ट्राइकर के पास गोल करने वाले कई खिलाड़ी हैं, जिनमें से एक रोबिन सिंह हैं। मिडफील्ड में उनके पास इयुगेंसेन ल्यांगदोह और जयेश राणे हैं जो शानदार खिलाड़ी हैं और गेंद को पास करने में माहिर हैं।
शेरिंघम ने कहा, “हमने अपने डिफेंसिव खेल पर काफी काम किया है।”
हालांकि एटीके मैच में किस मानसिकता के साथ उतरेगा इस बारे में उन्होंने अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
शेरिंघम ने बताया कि उन्होंने केरला के खिलाफ अपनी टीम को खेलने के लिए पूरी तरह से तैयार किया है। उन्होंने कहा, “यह सपना हर खिलाड़ी देखता है, हर कोच देखता है- 60,000 प्रशंसकों के सामने खेलना। वह कल हमारा समर्थन नहीं करेंगे लेकिन हम जानते हैं कि अगर हम उन्हें शांत रख सके तो यह हमारे लिए शानदार रहेगा।”
इन सभी से ज्यादा यह मैच उन दो टीमों के बीच है, जिनमें से एक अपने घर में सबसे मजबूत है तो एक घर से बाहर मजबूत है। ब्लास्टर्स ने पिछले सीजन में अपने घर में लगातार छह मैच जीते थे वहीं एटीके ने लगातार चार मैच जीते थे- एटीके इकलौती ऐसी टीम है जिसने ब्लास्टर्स को कोच्चि में मात दी थी जो उनका यादगार सीजन था।
शुक्रवार को होने वाले मैच में रेने की चुनौती खिलाड़ियों को यह एहसास दिलाने की है कि यह फुटबाल का खेल है और इस मैच में रिकार्ड जल्दी से बदलते हैं।
उन्होंने कहा, “मैं हमेशा अपने खिलाड़ियों से खेल पर ध्यान लगाने की कहता हूं। मौकों पर नहीं, मौके सिर्फ प्रशंसकों के होते हैं। मैच खिलाड़ियों के लिए होता है।”
मैनचेस्टर युनाइटेड के इतिहास से निकले दो कोचों की टीमों के बीच का यह रोचक मुकाबला आठ बजे शुरू होगा, जिसमें आईएसएल की दो मजबूत टीमों के बीच चिर-परिचति प्रतिद्वंद्विता एक बार फिर जगजाहिर होगी।
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