नई दिल्ली, 17 नवंबर (आईएएनएस)। इस साल अपने बेहतरीन फॉर्म में चल रहे केन्या के स्टार धावक और विश्व चैम्पियन जॉफ्रे किरुई की नजर दिल्ली हॉफ मैराथन-2017 में खिताबी जीत पर है।
नई दिल्ली, 17 नवंबर (आईएएनएस)। इस साल अपने बेहतरीन फॉर्म में चल रहे केन्या के स्टार धावक और विश्व चैम्पियन जॉफ्रे किरुई की नजर दिल्ली हॉफ मैराथन-2017 में खिताबी जीत पर है।
केन्या के 24 वर्षीय धावक ने इस साल अगस्त में लंदन में आयोजित विश्व चैम्पियनशिप के खिताब पर अपना कब्जा जमाया था।
इससे पहले, अप्रैल में प्रतिष्ठित बॉस्टन मैराथन में भी किरुई चैम्पियन के रूप में उबर थे। उन्होंने दो घंटे नौ मिनट और 37 सेकेंड में यह खिताब जीता था।
किरुई ने आईएएनएस को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “अगर मैं अपनी अच्छी फॉर्म में हूं, तो मैं किसी अन्य एथलीट से हार ही नहीं सकता। मैं दिल्ली हॉफ मैराथन के लिए पूरी तरह से तैयार हूं। सब कुछ रविवार को मौसम पर निर्भर है। अगर मौसम अच्छा रहा, तो मैं सबसे तेज भागूंगा।”
दिल्ली हॉफ मैराथन में किरुई के अलावा, उनके हमवतन एलेक्स कोरियो और इथोपिया के यिग्रेम दामेलाश भी खिताबी जीत के मकसद से ही इस मैराथन में हिस्सा लेंगे।
बढ़ते प्रदूषण के कारण पिछले कुछ दिनों से दिल्ली हॉफ मैराथन का आयोजन विवादों से घिरा हुआ था। किरुई का मानना है कि भारत देश में मौसम की परिस्थिति बहुत संघर्षपूर्ण है और यहां दौड़ने से उन्हें एक एथलीट के रूप में अपनी फॉर्म में और भी बेहतर रूप से सुधार करने में मदद मिलेगी।
किरुई ने कहा, “मुझे दिल्ली में प्रतिस्पर्धा करना पसंद है। मैं पहले भी यहां दौड़ा हूं और फिर से वापसी का फैसला किया। मुझे यह शहर पसंद है और यह अच्छा देश है। मुझे यहां की परिस्थिति पसंद है।”
केन्याई धावक ने कहा, “यहां का मौसम गर्म है। फील्ड मजबूत है और इसलिए, प्रतिस्पर्धा भी अच्छी होगी। हालांकि, गर्मी यहां अधिक है और इसलिए, मेरे लिए विश्व स्तरीय समय के तहत दौड़ पाना थोड़ा थोड़ा मुश्किल होगा। विश्व की बड़ी मैराथन और हॉफ मैराथन प्रतियोगिताओं के मुकाबले यहां की परिस्थिति थोड़ी मुश्किल है। यहां दौड़ना एक चुनौती है। इससे आपको अपने प्रदर्शन में सुधार करने में मजबूती मिलेगी।”
उन्होंने कहा, “प्रदूषण की समस्या यहां रहने वाले लोगों के लिए है, लेकिन हम एथलीटों के लिए उतनी अधिक नहीं है क्योंकि हम यहां कम समय के लिए हैं और फिर अपने देश लौट जाएंगे। मुझे लगता है कि यह हमारे लिए परेशानी नहीं होगी।”
किरुई ने कहा कि विश्व चैम्पियनशिप जीतने के बाद उनके घर लौटने पर कई साथी एथलीट खुश हुए थे।
उन्होंने कहा, “मैं हर प्रकार से अपने साथी एथलीटों की मदद करने की कोशिश करता हूं। गरीब परिवार से आने वाले एथलाटों को मैं प्रशिक्षण किट देता हूं। मुझे केन्या के एथलीटों के लिए अभी कुछ करना है। मेरे लिए यह एक बड़ी जिम्मेदारी है।”
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