भारतीय दवा कंपनियों के लिए नाइजीरिया नया आकर्षण

अक्रा, 29 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय दवा कंपनियां अफ्रीका में अपने पैर पसारने की ओर अग्रसर हैं, तो वहीं नाइजीरिया अवसरों की पेशकश कर रहा है। अंतर्राष्ट्रीय परामर्श समूह मैकिन्से द्वारा किए गए एक अध्ययन के मुताबिक नाइजीरिया का दवा बाजार 2026 तक 3.6 अरब डॉलर तक बढ़ने की संभावाना है।

अक्रा, 29 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय दवा कंपनियां अफ्रीका में अपने पैर पसारने की ओर अग्रसर हैं, तो वहीं नाइजीरिया अवसरों की पेशकश कर रहा है। अंतर्राष्ट्रीय परामर्श समूह मैकिन्से द्वारा किए गए एक अध्ययन के मुताबिक नाइजीरिया का दवा बाजार 2026 तक 3.6 अरब डॉलर तक बढ़ने की संभावाना है।

एक रपट में कहा गया है, “नाइजीरिया का दवा बाजार अगले 10 सालों में नौ फीसदी की दर से 2026 तक 3.6 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जो आज के दक्षिण अफ्रीका जितने बड़े बाजार के जैसा बन जाएगा। इस समयावधि में नाइजीरिया 1.9 अरब डॉलर और 2.2 अरब डॉलर के बीच दवा की बिक्री वृद्धि में योगदान दे सकता है। जिसका 55 फीसदी हिस्सा डॉक्टर द्वारा लिखी दवाइयों का होगा।”

नाइजीरियाई बाजार को क्या बहुत आकर्षक बनाता है, इस पर अंतर्राष्ट्रीय लेखांकन फर्म पीडब्ल्यूसी की इस साल की शुरुआत में आई एक रपट में अनुमान लगाया गया है कि देश की आबादी 2015 से 2050 तक 119 प्रतिशत बढ़कर 39.9 करोड़ हो जाएगी। जिससे यह दुनिया का तीसरा सबसे अधिक आबादी वाला देश बन जाएगा।

रपट में कहा गया है कि कुल आबादी में से 60 फीसदी से अधिक आबादी 15-64 साल की उम्र के बीच के लोगों की होगी। यह युवा श्रमशक्ति नाइजीरिया के सेवा क्षेत्र के विकास के लिए घरेलू खपत को चलाने में सक्षम होगी।

मैकिन्से ने कहा है, “तीव्र शहरीकरण के कारण, नाइजीरिया में घरेलू खपत खर्च में सालाना आठ फीसदी की वृद्धि होने की संभावना है, जिसके 2014 में 317 अरब डॉलर से 2030 तक 1.1 खरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।”

मैकिन्से ने कहा, “नाइजीरिया का हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्च र पूरी तरह से विकसित नहीं है, क्योंकि शहरों और ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बीच मौजूदा बुनियादी ढांचा भिन्न-भिन्न हैं।” उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य देखभाल चुनौतियों का समाधान करने के लिए सुविधाओं, उपकरणों और क्षमताओं की कमी का नतीजा है।

इसमें कोई आश्चर्य नहीं है कि नाइजीरिया ने देश से बाहर स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य पर्यटन का सहारा लिया है। भारत और दक्षिण अफ्रीका मान्यता प्राप्त स्थल बन गए हैं। मैकिन्से ने कहा कि जिन कंपनियों को स्थिति का लाभ लेना है, उन्हें सबसे पहले शीर्ष पांच को ध्यान में रखना चाहिए। जिनका कुल खपत में 45 प्रतिशत हिस्सा है।

उन्होंने कहा, “बड़े शहरों में प्रति व्यक्ति खर्च करीब दो बार राष्ट्रीय औसत तक पहुंच सकता है। शहर अन्य कारणों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जैसे उनके श्रेष्ठ रसद, बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य क्षमताएं जो नाइजीरिया की स्वास्थ्य व्यवस्था में संरचनात्मक परिवर्तन के एक इंजन की तरह काम करते हैं।”

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