भविष्य की वार्ता के लिए मुकम्मल करने वाला अहम ब्रेक्सिट समझौता

ब्रसेल्स, 8 दिसम्बर (आईएएनएस)। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे और यूरोपीय संघ (ईयू) की ओर से शुक्रवार को घोषणा की गई कि कई दिनों की जटिल बातचीत के बाद भविष्य के व्यापार और संक्रमणकालीन अवधि को लेकर ब्रेक्सिट वार्ता आखिरकार अहम समझौते पर पहुंच चुकी है।

द इंडिपेंडेंट की रपट के मुताबिक उत्तरी आयरलैंड की डेमोक्रेटिक यूनियनिस्ट पार्टी (डीयूपी) के साथ रात में चली लंबी बातचीत के बाद ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ईयू के नेताओं के साथ प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करने के लिए शुक्रवार सुबह 6 बजे ब्रसेल्स पहुंचीं।

मे के साथ मौजूद यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जीन-क्लॉड जुंकर ने कहा, “तथाकथित ‘तलाक के तीन मसलों’ पर ‘काफी प्रगति’ हो चुकी है।” ये तीन मसले आयरलैंड के साथ सीमा का मुद्दा, वित्तीय समाधान और ईयू के नागरिकों का अधिकार हैं।

मे ने कहा कि सहमति बनाना दोनों में से किसी पक्ष के लिए आसान नहीं था। दोनों ओर से समझौते के लिए ‘कुछ लेने और कुछ देने’ पर सहमति बनी, इसलिए यह एक महत्वपूर्ण प्रगति है।

उन्होंने भविष्य के व्यापार को लेकर वार्ता की दिशा में प्रगति की सफलता का जिक्र करते हुए कहा, “इससे स्पष्टता मिलेगी और यूके और ईयू के बीच व्यवसायों में निश्चिता बनेगी। “

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि वह ‘ब्रिटिश करदाताओं के लिए उचित’ वित्तीय समाधान भी कर चुकी हैं। यह कम से कम 45 अरब पाउंड होगा। इसके अलावा वायदा बाजार के लिए किया जाने वाला भुगतान भी शामिल होगा।

लेकिन, मे ने दावा किया कि इस रकम से सरकार के लिए आवास, स्कूल और राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाओं (एनएसएस) जैसी प्राथमिकताओं के क्षेत्र में ज्यादा निवेश करने की गुंजाइश होगी।

आयरिश सीमा के बारे में उन्होंने माना कि उत्तरी आयरलैंड की जो विशिष्ट स्थितियां हैं, उनके लिए विशेष समाधान तलाशने की अभी भी जरूरत है।

ईयू के नागरिकों के मसले पर जुंकर ने आगे संभावित समस्याओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ईयू के नागरिकों के लिए यूरोपीय न्यायालय (ईसीजे) सक्षम प्राधिकार होगा।

उन्होंने कहा, “मैं हमेशा इस घटनाक्रम (ब्रेक्सिट) को लेकर दुखी रहूंगा। लेकिन, अब हमें भविष्य की ओर देखना अवश्य शुरू कर देना चाहिए।”

जंकर ने कहा, “आज मैं आशावान हूं कि हम इस चुनौतीपूर्ण वार्ता के दूसरे चरण की ओर अग्रसर हैं।”

समझौते का मसौदा यूके में ईयू के नागरिकों को लेकर विवाद को दर्शाता है जिनको आठ साल के लिए ईसीजे को रेफर किया जा सकता है, जोकि यूके की मंशा से ज्यादा का वक्त है और यह ब्रेक्सिट के लिए एक दिक्कत की स्थिति हो सकती है।

इस समझौते से ब्रिटेन में निवास करने वाले यूरोपीय संघ के नागरिकों के अधिकार सुनिश्चित होंगे और इसी प्रकार यूरोपीय संघ में रहने वाले ब्रिटिश नागरिकों के अधिकार भी सुनिश्चित होंगे।

जंकर ने इस बात पर जोर दिया कि यह समझौता अभी आयोग की अनुशंसा ही है। उन्होंने कहा,” पर्याप्त प्रगति पर फैसला 27 देशों के राज्याध्यक्षों या सरकारों के हाथों में होगा।”

इन देशों का सम्मेलन 14 दिसंबर से आरंभ होगा।

मे से जब पूछा गया कि बातचीत के दौरान क्या आपको कभी लगा कि यह पूरा ब्रेक्सिट मामला बुरा विचार है, तो उनका जवाब था कि ब्रिटिश जनता ने यूरोपीय संघ से अलग होने के लिए मतदान किया है।

उन्होंने कहा, “यह राजनेताओं में विश्वास व निष्ठा का मामला है। मेरा मानना है कि जनता यह भरोसा करने में समर्थ हो कि उसके राजनेता वही करेंगे जो उसने तय किया है। सही मायने में हम वही कर रहे हैं और हम यूरोपीय संघ से अलग होंगे।”

युनाटेड किंगडम को यूरोपीय संघ से 2019 तक अलग हो जाना है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493