साना, 9 दिसम्बर (आईएएनएस)। यमन के पूर्व राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह को मौत के छह दिनों बाद शनिवार को दफना दिया गया। सालेह द्वारा पाला बदले जाने के बाद सड़क पर हुई भीषण लड़ाई में हौती विद्रोहियों ने उन्हें मार डाला।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, हौती के एक अधिकारी ने बताया कि सालेह के शव को पहले उनके समर्थकों और संसद सदस्यों की सीमित उपस्थिति के बीच संसद अध्यक्ष याहया अल-राई को सौंपा गया। जिसके बाद उन्हें दफना दिया गया।
आधिकारी ने उस स्थान के बारे में बताने से इनकार कर दिया, जहां पूर्व नेता को दफनाया गया है, लेकिन उन्होंने कहा कि सालेह की कब्र साना में ही है।
पूर्व राष्ट्रपति के सशस्त्र वफादारों और हौती विद्रोहियों के बीच सड़क पर तीन दिनों तक चली लड़ाई के बाद चार दिसंबर को सालेह, उनके रिश्तेदार और वरिष्ठ सहयोगी मारे गए।
सऊदी समर्थित सालेह की पार्टी के पदाधिकारियों ने अपने नेता की मौत का बदला लेने और हौती विद्रोहियों के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया है।
सालेह के वफादारों ने मध्य साना में सबीन स्क्वेयर पर समूह द्वारा आयोजित एक धार्मिक समारोह की सुरक्षा के लिए सालेह द्वारा संचालित मस्जिद में प्रवेश करने से हौती लोगों को मना कर दिया था, जिससे पिछले सप्ताह दोनों समूहों में झड़प हुई थी।
सालेह ने हौती लोगों के साथ अपने गठबंधन तोड़ दिया और उनके खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी थी, जिसके बाद हिंसा तेज हो गई। सालेह ने कहा था कि हौती विद्रोहियों ने उनके परिवार के सदस्यों पर हमला किया।
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