मोदी ने याद की बचपन की शरारतें

10649973_329684840533682_1991863737224428513_nनई दिल्ली, 5 सितम्बर | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षक दिवस पर आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए शुक्रवार को यहां अपने बचपन की कुछ शरारतों के बारे में बताया, लेकिन बच्चों से वादा करवाया कि वे ऐसा नहीं करेंगे। लेह के एक विद्यार्थी ने उनसे सवाल पूछा था कि क्या वह और उनके दोस्त बचपन में शरारतें किया करते थे। मोदी ने कहा, “क्या कोई ऐसा बच्चा हो सकता है, जो शरारत नहीं करता हो।”

मोदी ने अपने बचपन की शरारतों के बारे में बताया कि वह और उनके दोस्त अपने पास इमली रखा करते थे और जहां भी शादी होती थी, वहां वे शहनाई बजाने वालों के सामने इमली दिखा दिया करते थे।

मोदी ने कहा, “आपको पता होगा कि जब आप इमली देखते हैं, तो क्या होता है। आपके मुंह में पानी आ जाता है और शहनाई बजाने वालों के मुंह में भी पानी आ जाता था और वे हमें खदेड़ते थे।”

उन्होंने एक दूसरी शरारत के बारे में बताई।

उन्होंने कहा, “हम जब शादियों में जाते थे, तो चुपके से अगल-बगल में खड़े पुरुष और महिला के कपड़े पीछे से बांध देते थे। इसके बाद हम गायब हो जाते थे। आप सोच सकते हैं कि उसके बाद क्या होता होगा।”

इस पर बच्चे खिलखिलाकर हंस पड़े और तालियां गूंज उठी।

मोदी भी हंस पड़े, लेकिन उन्होंने बच्चों से वादा लिया कि वे ऐसा नहीं करेंगे।

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