नई दिल्ली, 5 फरवरी (आईएएनएस)। वित्त एवं राजस्व सचिव हसमुख अधिया का कहना है कि शेयर बाजारों में भारी गिरावट की वजह दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी) कर लगाया जाना नहीं बल्कि वैश्विक संकेतक हैं।
अधिया के मुताबिक, शेयरों से कमाई पर सिर्फ 10 फीसदी एलटीसीजी लगाया गया है, जिससे शेयरों में निवेश अभी भी आकर्षक बना हुआ है।
अधिया ने सोमवार को सीआईआई के एक कर्याक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अन्य परिसंपत्तियों के मुकाबले शेयरों पर एलटीसीजी कर कम है।
गौरतलब है कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक फरवरी को आम बजट पेश करते हुए शेयरों से एक लाख रुपये से अधिक की कमाई पर 10 फीसदी एलटीसीजी कर लगाए जाने का ऐलान किया था। इससे सरकार को 20,000 करोड़ रुपये का राजस्व होने की उम्मीद है।
हालांकि, 31 जनवरी 2018 तक शेयरों से कमाई पर छूट दी जाएगी और शेयरों को एक साल तक रखने पर 15 फीसदी की दर से टैक्स लगाया जाएगा।
बीएसई का सेंसेक्स सोमवार को 400 से अधिक अंकों की गिरावट के साथ खुला और 35,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया।
एनएसई का सूचकांक निफ्टी भी 150 अंकों से अधिक की गिरावट पर खुला।
बाजार विश्लषेकों का मानना है कि वैश्विक संकेतकों के साथ बैंकिंग, कैपिटल गुड्स, वाहन, तेल एवं गैस शेयरों में गिरावट से शेयर बाजार में गिरावट का रुख बना हुआ है।
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