बेंगलुरू- सॉफ्टवेयर सेवा उद्योग की तरह भारत बैक ऑफिस सेवा का भी दुनिया में एक प्रमुख गढ़ है। इस उद्योग का आकार 2014 में देश में 23 अरब डॉलर का है, जो 2020 तक बढ़कर 50 अरब डॉलर का हो जाएगा। यह बात बुधवार को एक प्रमुख उद्योग संघ ने कही। नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनी (नैस्कॉम) के अध्यक्ष आर. चंद्रशेखर ने यहां संवाददाताओं से कहा, “दुनिया भर में बैक ऑफिस सेवा की आपूर्ति करने वाला भारतीय बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट (बीपीएम) का 2010 से काफी तेजी से विस्तार हुआ है।”
नैस्कॉम के सर्वेक्षण के मुताबिक बीपीएम कंपनियां सिर्फ वॉयस और डाटा सेवा से आगे निकल कर अपने ग्राहकों के लिए एनालिटिक्स की सेवा भी प्रदान करने लगी है।
दूरसंचार विनियामक के पूर्व अध्यक्ष ने बैक ऑफिस कारोबार पर अपने रणनीति सम्मेलन के इतर मौके पर कहा, “बीपीएम उद्योग की आय 2020 तक दो गुणी होकर 45-50 अरब डॉलर हो सकती है और यह 20 लाख लोगों को रोजगार दे सकता है।”
चंद्रशेखर ने हालांकि कहा, “बीपीएम कंपनियों को इन्नोवेटिव तरीका अपनाना होगा, उन्हें दूसरी कंपनियों से साझेदारी करनी होगी, नए ग्राहकों और नई जरूरतों को पहचानना होगा और नए अवसरों के अनुरूप अपनी सेवा में जरूरी बदलाव करने होंगे।”
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