नई दिल्ली, 12 फरवरी (आईएएनएस)। बिजली चोरी से जुड़े मामलों में न्यायिक देरी को टालने के लिए बनी विशेष लोक अदालतों में बीएसईएस ने 29 करोड़ रुपये मूल्य के रिकार्ड 3,000 बिजली के मामलों का निपटारा किया। इसकी घोषणा सोमवार को की गई।
बीएसईएस द्वारा जारी बयान के मुताबिक, इन कंप्यूटरीकृत लोक अदालतों का आयोजन बीएसईएस राजधानी पॉवर लिमिटेड (बीआरपीएल) और उसकी सहयोगी वितरण कंपनी बीएसईएस यमुना पॉवर लिमिटेड (बीवाईपीएल) द्वारा सप्ताहांत में पेपररहित तरीके से किया गया, जिसमें 3,000 से ज्यादा मामले निपटाए गए।
बीएसईएस डिस्कॉम द्वारा 10-11 फरवरी को विशेष अदालत, लोक अदालत का आयोजन किया गया।
बयान में कहा गया है, “पिछले सभी रिकार्ड तोड़ते हुए साल 2017 के दिसंबर में लोक अदालतों ने 5,600 से ज्यादा बिजली चोरी के मामले निपटाए हैं, जिनका मूल्य करीब 50 करोड़ रुपये है। पिछली 19 लोक अदालतों ने 30,500 मामले सुलझाएं हैं, जिनका मूल्य 230 करोड़ रुपये है।”
दिल्ली राज्य विधिक सेवा समिति के सहयोग से बीएसईएस तीन स्थानों – साकेत, कड़कड़डूमा और द्वारका- में लोक अदालत आयोजित करती है।
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