नई दिल्ली, 14 फरवरी (आईएएनएस)। भारत में विद्युत वाहन (ईवी) खंड की वृद्धि के लिए एक व्यापक कार्य योजना की जरूरत है। एक अध्ययन के बाद इस बात का खुलासा हुआ है।
एसोचैम ने बुधवार को एक अध्ययन का हवाला देते हुए बयान में कहा, “बाजार निर्माण, प्रौद्योगिकी विकास और विद्युत वाहनों के लिए एक जीवंत विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने के लिए अनुकूल नीति पर्यावरण भारत में विद्युत गतिशीलता को बढ़ावा दे सकते हैं।”
बयान में कहा गया है, “भारत में जीवंत ईवी पारिस्थितिकी की रचना के लिए एक दीर्घकालिक और वहनीय योजना तंत्र की जरूरत है।”
एसोचैम और नोमुरा अनुसंधान संस्थान के एक संयुक्त अध्ययन में तीन पहलुओं पर कार्य करने के लिए एक व्यापर कार्य योजना की जरूरत पर जोर दिया गया है, जिसमें विद्युत वाहनों के लिए उपभोक्ता स्वीकृति, लागत में कमी और चार्जिग बुनियादी ढांचा शामिल है।
दूसरों क्षेत्रों के बीच ईवी क्षेत्र को बढ़ाने के लिए रिपोर्ट में सरकार के समर्थन, चीन से कच्चे माल की सप्लाई, वाहनों के लिए हिस्सों का स्वदेशी निर्माण की सिफारिश की गई है।
संपूर्ण भारत में विद्युत वाहनों के मांग को बढ़ाने के लिए चार्जिग बुनियादी ढांचे को मुहैया कराने की जरूरत है, जिसमें घर और सार्वजनिक चार्जिग स्थान शामिल है।
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