काबुल, 15 फरवरी (आईएएनएस)। अफगानिस्तान में साल 2017 में 3,438 लोगों की मौत और 7,015 घायल लोगों के साथ कुछ 10,453 लोग हिंसा के शिकार हुए। यह आंकड़ा साल 2016 के आंकड़ों से नौ फीसदी कम है। ‘अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र की सहयोगी मुहिम’ (यूएनएएमए) द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार साल 2012 के बाद पहली बार इन आंकड़ों में गिरावट दर्ज की गई।
एफे न्यूज ने बताया कि काबुल में जारी हुए 2017 के आंकड़ों को 2016 के 3,510 मौतों और 7,924 घायलों के साथ 11,434 प्रभावित कुल नागरिकों वाले आंकड़ों से कम दर्शाता है।
साल 2016 की तुलना में मौतों की संख्या में दो फीसदीख् जबकि घायलों में ग्यारह फीसदी की गिरावट हुई।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार जमीनी कार्रवाइयों और भीड़ भरे स्थानों पर मोर्टार हमलों में कमी आने के कारण इन आंकड़ों में गिरावट आई है।
यूएनएएम अध्यक्ष ताडामिकी यामामोटो ने कहा, “इन आंकड़ों से युद्ध का विश्वसनीय आंकड़ा दिख रहा है, लेकिन इनसे सामान्य लोगों पर विशेषकर महिलाओं और बच्चों पर युद्ध का प्रभाव नहीं दिख सकता।”
साल 2017 में अफगानिस्तान में संघर्ष में 359 महिलाओं की मौत हुई और 865 महिलाएं घायल हुईं। यह आंकड़ा पिछले वर्ष से एक फीसदी ज्यादा है। बच्चों के मामले में 2017 में 2016 की तुलना में हालांकि 10 फीसदी की कमी आई।
यूएनएएमए ने बताया कि 65 फीसदी नागरिकों की मौत अफगानिस्तान सरकार का विरोध करने के कारण, 42 फीसदी मौतें तालिबान के कारण, 10 फीसदी मौतें आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के कारण और बाकी 13 फीसदी मौतें अन्य विद्रोहियों और संगठनों के कारण हैं।
अफगान सरकार के विश्वासपात्रों के कारण अन्य 20 फीसदी नागरिक प्रभावित हुए।
नागरिक हताहत के मामलों में सामान्य गिरावत होने के बाबजूद संयुक्त राष्ट्र ने आत्मघाती या ऐसे ही अन्य हमलों से 2016 में प्रभावित हुए 1,963 लोगों की तुलना में 2017 में 17 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 2,295 मामले दर्ज होने पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की।
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