प्योंगचांग (दक्षिण कोरिया), 18 फरवरी (आईएएनएस)। शीतकालीन खेलों में प्रतिस्पर्धा कर रहे रूसी एथलीटों को सोशल मीडिया के कम इस्तेमाला का सुझाव दिया गया है, ताकि उन्हें किसी प्रकार से भड़काया न जा सके।
रूसी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख स्टानिसलाव पोज्दिनयाकोव ने रविवार को संवाददाताओं को इस बात की जानकारी दी।
समाचार एजेंसी तास की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले रूसी एथलीटों ने खेलों के दौरान सोशल मीडिया के जरिए उन्हें भड़काए जाने की शिकायत की थी।
खेल अधिकारी ने कहा, “सबसे पहले, मैं यह कहना चाहता हूं कि खेल के बारे में यह चीजें अच्छे परिणाम नहीं देंगी। इससे टीम में एकता नहीं होती है और न ही यह एथलीटों के लिए कुछ अच्छे परिणाम लाती है, जिन्हें अब समर्थन की जरूरत है। इस प्रकार की चीजें हमारे प्रतिस्पर्धियों के हाथों में चली जाती हैं। हम एथलीटों को सोशल मीडिया पर कम समय बिताने का सुझाव दे रहे हैं।”
अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) के कार्यकारी बोर्ड ने यह पांच दिसम्बर को रूसी एथलीटों को शीतकालीन ओलम्पिक खेलों में हिस्सा लेने से प्रतिबंधित कर दिया था।
आईओसी ने हालांकि, डोपिंग मुक्त रूसी एथलीटों को तटस्थ ध्वज के तहत 2018 शीतकालीन ओलम्पिक खेलों में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी थी।
आईओसी की मांगों को देखा जाए, तो रूसी राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति पर लगे प्रतिबंध के हटने की उम्मीद है और रूसी एथलीटों को शीतकालीन ओलम्पिक खेलों के समापन समारोह में अपने राष्ट्रीय ध्वज को दर्शाने की अनुमति होगी।
दक्षिण कोरिया में जारी शीतकालीन ओलम्पिक खेलों का समापन 25 फरवरी के होगा।
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