अटवाल को निमंत्रण मामले में साजिश की बात के समर्थन में ट्रूडो

ओटावा, 28 फरवरी (आईएएनएस)। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो अपने एक वरिष्ठ अधिकारी की इस दलील का समर्थन कर रहे हैं जिसमें उन्होंने (अधिकारी ने) कहा है कि भारत में मौजूद ‘बुरे राजनीतिक तत्वों’ ने खालिस्तानी अलगाववादी जसपाल अटवाल को भारत में भोज में आमंत्रित करने की ‘साजिश’ रची थी ताकि कनाडा की सरकार सिख चरमपंथ की समर्थक नजर आए।

नेशनल पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक भारत दौरे से लौटने के बाद मंगलवार को संसद में प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने ट्रूडो को आड़े हाथ लिया। विपक्ष ने प्रश्न किया कि भारत में कनाडाई उच्चायुक्त नादिर पटेल के आवास पर जसपाल अटवाल को कैसे आमंत्रित कर दिया गया?

अटवाल को साल 1986 में भारतीय मंत्री मल्कियत सिंह सिद्धू पर कनाडा दौरे के दौरान जानलेवा हमले के प्रयास में दोषी पाया गया था। उस पर उज्जवल दोसांझ पर हमला करने का भी आरोप है, हालांकि यह आरोप सिद्ध नहीं हो सका था। दोसांझ बाद में ब्रिटिश कोलंबिया प्रमुख और संघीय मंत्री बने थे। मल्कियत सिंह सिद्धू के मामले में अटवाल को बाद में सबूतों की गुणवत्ता के आधार पर बरी कर दिया गया था।

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा उपलब्ध जानकारी के अनुसार वरिष्ठ अधिकारी ने पिछले सप्ताह कहा था कि अटवाल को लाने की व्यवस्था ‘भारत सरकार में मौजूद गुटों ने ही की थी।’

कनाडाई मीडिया के अनुसार अधिकारी की पहचान ट्रूडो के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डेनियल जीन के तौर पर हुई है। विपक्ष ने ट्रूडो पर यह बताने के लिए दबाव डाला कि क्या वे जीन की ‘साजिश की थ्योरी’ से सहमत हैं।

ट्रूडो ने जवाब में कहा, “जब हमारे शीर्ष कूटनीतिज्ञ और सुरक्षा अधिकारी कनाडावासियों से कुछ कहते हैं, तो वे जानते हैं कि जो वे कह रहे हैं वह सच है।”

विपक्ष ने कहा कि ऐसी स्थिति में ट्रूडो को यह मान लेना चाहिए कि ‘भारत सरकार ने उनका दौरा विफल करने की कोशिश की।’ ट्रूडो ने इस व्याख्या का खुले शब्दों में प्रतिवाद नहीं किया।

कंजरवेटिव सांसदों ने इस पर सवाल उठाए। टोरी पार्टी के सांसद कैनडाइस बर्जेन ने कहा, “इससे पहले कि हमारे प्रधानमंत्री हमारे सहयोगी, भारत व वहां की सरकार, से हमारे संबंधों का नाश करें, क्या कृपा कर वह सदन को यह बताने का कष्ट करेंगे कि इस आरोप के पक्ष में उनके पास सबूत क्या है?”

पिछले सप्ताह मुंबई में आयोजित समारोह की एक तस्वीर में अटवाल, जस्टिन ट्रूडो की पत्नी सोफी ग्रेगोरी टड्रो और इंफ्रास्ट्रक्चर मंत्री अमरजीत सोही के साथ दिखा था।

विवाद के बाद अटवाल को दिया गया निमंत्रण वापस ले लिया गया था। ट्रूडो ने अटवाल को निमंत्रण दिए जाने को गंभीर मामला बताया था।

कनाडा के प्रधानमंत्री ने सदन से कहा कि लिबरल ब्रिटिश कोलंबिया सांसद रणदीप सराय ने उच्चायुक्त को दी गई आमंत्रितों की सूची में अटवाल का नाम शामिल करने के लिए खुद को जिम्मेदार माना है।

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