नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। एयरसेल ने बुधवार को दिवाला और दिवालियापन संहिता, 2016 की धारा 10 के तहत एयरसेल सेलुलर लि., डिशनेट वायरलेस लि. और एयरसेल लि. के लिए कॉरपोरेट दिवाला प्रक्रिया (सीआईआरपी) चलाने की अर्जी दाखिल की है। कंपनी ने एक बयान में यह जानकारी दी।
नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। एयरसेल ने बुधवार को दिवाला और दिवालियापन संहिता, 2016 की धारा 10 के तहत एयरसेल सेलुलर लि., डिशनेट वायरलेस लि. और एयरसेल लि. के लिए कॉरपोरेट दिवाला प्रक्रिया (सीआईआरपी) चलाने की अर्जी दाखिल की है। कंपनी ने एक बयान में यह जानकारी दी।
बयान में कहा गया, “कंपनी के निदेशक मंडल ने स्वीकार किया है कि उच्च वित्तीय तनाव से जूझ रहे (दूरसंचार) उद्योग में बाजार में नए खिलाड़ी के आने से तीव्र हुई प्रतिस्पर्धा, कानूनी और नियामक चुनौतियों, असुरक्षित ऋण का उच्च स्तर और बढ़ते घाटे से कंपनी के कारोबार और प्रतिष्ठा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।”
कंपनी ने 2016 में कहा था कि मोबाइल उद्योग के एकीकरण के पहले प्रयास में कंपनी अन्य ऑपरेटरों के साथ अपने वायरलेस कारोबार का एकीकरण कर रही है। हालांकि विभिन्न मुद्दों और बाधाओं के कारण एकीकरण सफल नहीं हुआ और आखिरकार 2017 के सितंबर में समाप्त हो गया।
बयान में कहा गया, “कंपनी जोर देकर यह कहना चाहती है कि सीआईआरपी की कारवाई कंपनी का समापन नहीं है, बल्कि यह वर्तमान स्थिति में सबसे बढ़िया संभव समाधान है, जो हर किसी के लिए लाभकारी (वेंडर्स, डिस्ट्रीब्यूटर्स और कर्मचारियों) है, ताकि कंपनी के मूल्यों की रक्षा और संरक्षण हो सकते तथा परिचालन का प्रबंधन हो सके।”
बयान में आगे कहा गया, “इस कठिन समय में, कंपनी आईबीसी प्रक्रिया के दौरान सभी हितधारकों से सहयोग चाहती है, जिसमें वेंडर विरादरी और चैनल पार्टनर भी शामिल हैं। कंपनी अपने चालू कारोबार के आपूर्तिकर्ताओं और भागीदारों से सेवा जारी रखने अनुरोध करती है।”
कंपनी ने कहा कि वह अपने ग्राहकों को निरंतर सेवा कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए कड़ी मेहनत करेगी तथा उनसे अनुरोध किया कि वर्तमान मुश्किल हालात में वे समर्थन देते रहें।
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