मुंबई, 1 मार्च (आईएएनएस)। अपने जीवन पर आधारित फिल्म ‘सूरमा’ की रिलीज का इंतजार कर रहे भारतीय पुरुष हॉकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित किया।
दुनिया के बेहतरीन ड्रैक-फ्लिकरों में गिने जाने वाले संदीप ‘टेडएक्स एमआईसीए’ में भाषण दिया।
संदीप ने इस भाषण में खुलकर एक खिलाड़ी के तौर पर अपने अनुभव के बारे में बात की। संदीप मुम्बई में आईआईटी पवई और दिल्ली में एसआरसीसी में भी छात्रों को संबोधित कर चुके हैं।
लंदन में 2012 में आयोजित हुए ओलम्पिक खेलों में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके संदीप ने क्वालीफायर में सबसे अधिक गोल कर देश का नाम रोशन किया था।
अपने अनुभव को साझा करते हुए संदीप ने कहा, “इस बार ब्रिटेन का दौरा एक अनूठा अनुभव था। इससे पहले मैं हॉकी और परिवारिक छुट्टियों के लिए इस देश का दौरा कर चुका हूँ लेकिन इस बार मैं विदेशी छात्रों के साथ बातचीत करने गया था, जो शाहाबाद में मेरे शुरुआती दिनों को जानने के उत्सुक थे।”
संदीप ने कहा, “मुझे कभी भी मेरे साथ हुई दुर्घटना के बारे में बात करना पसंद नही था, वो दुर्घटना जब मुझे गोली मारी गयी जिसके बाद दो साल तक मैं असहाय हो गया था और सब बाधाओं को पार कर जिन्दगी की जंग लड़कर एक बार फिर क्षेत्र में वापसी की। हालांकि, अब मुझे लगता है कि युवाओं को कभी हार न मानने हेतु प्रोत्साहन करने के लिए मेरी कहानी बताने का यही सही समय है। मैंने स्नातक भी नहीं की है और इन शीर्ष विश्वविद्यालयों में मेरी जीवन की कहानी के बारे में बात करना मेरे लिए एक बहुत बड़ी बात रही।”
संदीप की कहानी इतनी प्रेरणादायक है कि उनके जीवन पर आधारित फिल्म में अभिनेता/गायक दिलजीत दोसांझ मुख्य किरदार में नजर आएंगे।
‘सूरमा’ के निर्देशक शाद अली ने कहा, “अनुभवी हॉकी खिलाड़ी संदीप की कहानी पूरी तरह से प्रेरणादायक है और वह हमारे राष्ट्रीय के नायक हैं जो कभी हार न मानने का रवैया रखते आए हैं। यह जानकर बहुत खुशी होती है कि अधिक से अधिक लोग संदीप सिंह की कहानी के बारे में जागरूक हो रहे हैं। वारविक विश्वविद्यालय और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से आमंत्रण प्राप्त करना हमारी फिल्म सूरमा के लिए एक बड़े सम्मान की बात है।”
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