कोलकाता, 31 मार्च (आईएएनएस)। बंगाल और केरल की टीमें यहां विवेकानंद युवा भारती क्रीडांगन स्टेडियम में रविवार को संतोष ट्रॉफी का खिताब जीतकर अपने सत्र का शानदार समापन करना चाहेंगी।
संतोष ट्रॉफी के 72 वर्षो के गौरवशाली इतिहास में बंगाल और केरल सबसे सफल टीमों में ले एर रही हैं। बंगाल ने 32 बार जबकि केरल ने पांच बार यह खिताब अपने नाम किया है। इसके अलावा पंजाब ने आठ बार यह खिताब अपने नाम किया है। गोवा और सर्विसेज ने भी पांच-पांच खिताबी जीत दर्ज की है।
टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में बंगाल ने एक कड़े मुकाबले में हराया था, जिसमे मेजबान टीम के लिए जीतेन मुर्मू और र्तीथकर सरकार ने गोल दागे थे जबकि केरल ने मिजोरम को 1-0 से मात दी थी।
बंगाल की रक्षा पंक्ति ने इस टूर्नामेंट में शानदार प्र्दशन किया है और अभी तक केवल दो गोल खाए हैं।
टीम के कोच रंजन चौधरी ने कहा, “हमारी टीम के उपर किसी प्रकार का दबाव नहीं है। टीम को केरल को हराने के लिए अपनी क्षमता पर पूरा भरोसा है। केरल रक्षात्मक रूप से एक मजबूत टीम है। उनके बहुत सारे प्रतिभाशाली खिलाड़ी है और कल जो भी टीम जीतेगी वह अच्छा खेलकर जीतेगी।”
केरल ने आखरी बार 2005 में संतोष ट्रॉफी का खिताब जीता था। टीम के कोच साथीवन बलान ने कहा, “मैं अपनी टीम को आगे बढ़ता देख बहुत खुश हूं, हमारी टीम हर मैच के साथ बेहतर हुई है। हम बंगाल का सम्मान करते हैं लेकिन हम में खिताब जीतने का दम है।”
उन्होंने कहा, “हमें जीत का प्रबल दावेदार नहीं माना जा रहा है। जब से हम यहां आए हैं हमने हर मैच को फाइनल की तरह खेला है और बंगाल के खिलाफ भी हम वैसे ही खेलेंगे। हम जीत के लिए अपना बेहतरीन खेल खेलेंगे। हम बंगाल से पहले भिड़ चुके हैं, लेकिन हम फाइनल की बात कर रहे हैं और यह अलग होगा।”
–आईएएनएस
dharmpath.com dharmpath