लंदन, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। मैन बुकर पुरस्कार के आयोजकों द्वारा एक नामांकित की राष्ट्रीयता ताइवान के बजाय ‘ताइवान, चीन’ कर देने पर इसकी आलोचना हो रही है। इस साहित्य पुरस्कार के आयोजकों पर चीन द्वारा दबाव बनाए जाने के बाद राष्ट्रीयता में बदलाव किया गया।
मीडिया रिपोर्ट में मंगलवार को यह जानकारी दी गई।
‘द गार्डियन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, वु मिंग-यी इस महीने मैन बुकर अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए नामांकित व्यक्तियों की सूची में शामिल किए गए और उन्होंने यह खबर फेसबुक पर पोस्ट की।
पुरस्कार के लिए नामांकित उनका उपन्यास ‘द स्टोलन बाइसिकल’ आधुनिक ताइवान के इतिहास को दर्शाता है।
चीन के इस रुख पर कि ताइवान उसका हिस्सा है, मैन बुकर की वेबसाइट पर उनकी राष्ट्रीयता में बदलाव कर दिया गया।
वु ने फेसबुक पेज पर लिखा कि वेबसाइट पर दर्ज उनकी नई राष्ट्रीयता इस मुद्दे पर उनकी व्यक्तिगत अवस्थिति को नहीं दर्शाती है और वह अपने विचार मैन बुकर को बताएंगे।
द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटनाक्रम के तुरंत बाद मैन बुकर का फेसबुक पेज आलोचनाओं से भर गया।
मैन बुकर ने मंगलवार को कहा कि वह ब्रिटेन के विदेश एवं राष्ट्रमंडल कार्यालय से ताइवान पर देश की आधिकारिक स्थिति पर स्पष्टीकरण मांग रहे हैं।
प्रवक्ता टड्रा स्प्रयट के मुताबिक, पुरस्कार के आयोजकों ने कहा कि उन्हें पहले सलाह मिली थी कि ‘ताइवान, चीन’ राजनीतिक तटस्थ रूप में सही है।
स्प्रयट ने इस बात कि पुष्टि की है कि पुरस्कार के आयोजक को चीनी दूतावास की ओर शिकायत मिली थी।
हाल के सालों में चीन ने विदेशी कंपनियों पर ताइवान को एक अलग देश के रूप में दर्ज नहीं करने के लिए दबाव बनाया है। जर्मनी की एयरलाइन लुफ्थांसा और ब्रिटेन की ब्रिटिश एयरवेज ने अपनी सूची में दर्ज देशों से ताइवान को हटा दिया है।
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