कोलकाता : हीरे के गहनों से सजी मूर्तियां देखने उमड़े लोग

DSC04449कोलकाता, 2 अक्टूबर- पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा उत्सव अपने आप में अनोखा है, लेकिन इस बार राजधानी कोलकाता के श्रीभूमि स्पोर्टिग क्लब हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। यहां लोग 10 करोड़ रुपये के हीरे के आभूषणों से सजी देवी मां की मूर्तियों के दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़े होने से खुद को रोक नहीं पा रहे हैं।

देवी मां की चमकती मूर्तियों के दर्शन के लिए आम लोगों के बीच बांग्ला फिल्मों की अभिनेत्री ऋतुपर्णा सेनगुप्त भी पहुंचीं।

सोशल नेटवर्किं ग साइट पर भी इन मूर्तियों की बहार है। यहां आने वाले आगंतुक अपने-अपने फेसबुक और ट्विटर खातों पर तस्वीरें साझा कर रहे हैं।

पिछले साल श्रीभूमि में देवी की मूर्तियों का श्रृंगार 5 करोड़ रुपये के सोने के आभूषणों से किया गया था। इस साल नेमिचंद बामल्वा एंड संस (एनसीबी) ज्वेलर्स की मदद से हीरों के आभूषणों से मूर्तियों का श्रृंगार किया गया है।

क्लब के महासचिव डी.के. गोस्वामी ने बताया, “चमकते मुकुटों के अलावा मां दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी के लिए नाक की नथनी और कान के झुमके भी खास तौर से डिजाइन किए गए हैं।”

एनसीबी के बचराज बामल्वा ने बताया कि अकेले मां दुर्गा का श्रृंगार पांच करोड़ रुपये के आभूषणों से हुआ है।

बामल्वा ने आईएएनएस को बताया, “मां दुर्गा का मुकुट सबसे बड़ा है, इसके साथ ही नथनी और झुमकों और 30 इंच के हीरे के हार से उनका श्रृंगार किया गया है। अन्य मूर्तियों को भी मुकुटों से सजाया गया है।”

बामल्वा ने बताया कि विजयादशमी के दिन भी देवियां आभूषणों से सजी होंगी।

पूजा के संयोजक तृणमूल कांग्रेस के विधायक सुजीत बोस ने बताया कि पहली बार माता के श्रृंगार में हीरे के आभूषणों का प्रयोग हुआ है।

उन्होंने बताया कि पंडाल में हर रोज औसतन एक लाख से ज्यादा लोग आ रहे हैं।

बहुमूल्य आभूषणों से सजी मूर्तियों की सुरक्षा के लिए कड़ी चौकसी भी रखी गई है।

गोस्वामी ने बताया, “लगभग दो दर्जन पुलिसकर्मियों के अलावा हमने 50 निजी सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए हैं और 24 घंटे निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए हैं।”

श्रीभूमि के साथ गढ़ीघाट के एकदलिया एवरग्रीन क्लब ने भी मूर्तियों का श्रृंगार 18 किलो सोने के गहनों से किया है।

मां दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती, कार्तिकेय और गणेश की मूर्तियों का कुंदन और मीना के आभूषणों से श्रृंगार किया गया है।

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